अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान बातचीत करना चाहता है। वहीं ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने शनिवार को इन दावों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान पांच साल तक भी युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है। ANI के साथ एक इंटरव्यू में बोलते हुए इलाही ने साफ तौर पर इनकार किया कि ईरान अभी अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है।

इलाही ने कहा कि यह अमेरिका ही था जिसने बातचीत के बीच में ईरान को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय उनके साथ बातचीत करना बिल्कुल नहीं चाहता, क्योंकि इस युद्ध की शुरुआत उन्होंने ही की थी। और हमें उनके साथ का अनुभव है। इलाही ने कहा है दो बार हम उनके साथ बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने हम पर हमला कर दिया। उन्होंने हमें निशाना बनाया।

ईरान अपने दुश्मनों के आगे नहीं झुकेगा- इलाही

इलाही ने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के आगे नहीं झुकेगा और अगर जरूरी हुआ तो लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए तैयार है। ईरान और इराक के बीच हुए संघर्ष का उदाहरण देते हुए प्रतिनिधि इलाही ने कहा कि ईरान को लंबे समय तक युद्ध जारी रखने का अनुभव है। उन्होंने कहा, “मुझे इस युद्ध की कोई समय सीमा नहीं पता। लेकिन मुझे इतना पता है कि ईरान इस युद्ध को अंत तक, यहां तक कि पांच साल तक भी जारी रखने के लिए तैयार है। हमें युद्ध का अनुभव है। उस समय ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध का हमें आठ साल का अनुभव था। हम तैयार हैं। अगर आप ईरान की सड़कों पर जाएंगे, तो आप देखेंगे कि सभी लोग वहां मौजूद हैं और वे जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। और वे कहते हैं कि हम अपना खून बहाने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।”

इलाही ने यह भी कहा कि ईरान ने इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोकने की कई बार कोशिश की थी और पड़ोसी देशों से पश्चिम एशिया में संघर्ष को रोकने में मदद करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, “हम युद्ध नहीं चाहते थे। कई बार हमने इस क्षेत्र में किसी भी तरह के युद्ध से बचने की कोशिश की। हमने अपने पड़ोसियों को भी सूचित किया था कि उन्हें इस युद्ध के क्षेत्र से बचने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र अब और युद्ध बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

‘ईरान के पास अपना बचाव करने के अलावा कोई और चारा नहीं’

इलाही ने चल रहे संघर्ष पर चिंता भी जताई और कहा कि यह संघर्ष न केवल ईरान के लोगों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक चिंता का विषय भी बन गया है। उन्होंने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और व्यापक आर्थिक प्रभावों का हवाला दिया। इलाही ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रणनीतिक महत्व की ओर इशारा किया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में हो रही गड़बड़ियों से गैस, पेट्रोल और तेल की कमी के कारण कई देश प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान के पास अपना बचाव करने के अलावा कोई और चारा नहीं है।

इलाही ने कहा, “असल में, यह संकट सिर्फ़ ईरान के लिए नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक संकट है। उन्होंने हम पर यह युद्ध थोपा है और हमें अपना बचाव करना ही होगा। हम अपनी गरिमा, अपनी आज़ादी और अपने देश के लिए अपना खून बहाने को तैयार हैं। हम दूसरे लोगों की तकलीफ़ों (गैस की कमी, पेट्रोल की कमी, तेल की कमी) से खुश नहीं हैं। लेकिन हमें अपना बचाव करना ही होगा। हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।” उन्होंने वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे अमेरिका पर युद्ध रोकने के लिए दबाव डालें। पढ़ें ईरान को सरेंडर करवाने का ट्रंप प्लान तैयार

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ईरान और अमेरिका के बीच पिछले 15 दिनों से युद्ध जारी है। इसी बीच अमेरिका ने कुछ ईरानी नेताओं की एक सूची जारी की है। अमेरिका ने कहा है कि जो भी व्यक्ति इन नेताओं के बारे में जानकारी देगा उसे एक करोड़ डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर