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‘इंस्टैंट Noodles खाने से गे बन रहे बच्चे’

जहां एक ओर भारत में नैस्ले के प्रोडक्ट मैगी को पहले बैन कर दिया फिर टैस्टिंग के बाद नई पैकिंग के बाद बाजार में उतारा तो वहीं दूसरी ओर इंडोनेशिया के एक मेयर ने हाल ही एक बयान देकर इंस्टैंट नूडल्स को विवादों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

इंडोनेशिया के मेयर का इंस्टैंट नूडल्य पर बयान

जहां एक ओर भारत में नैस्ले के प्रोडक्ट मैगी को पहले बैन कर दिया फिर टैस्टिंग के बाद नई पैकिंग के बाद बाजार में उतारा तो वहीं दूसरी ओर इंडोनेशिया के एक मेयर ने हाल ही एक बयान देकर इंस्टैंट नूडल्स को विवादों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। जी हां, ये मेयर इन दिनों से काफी सुर्खियों में हैं। मेयर ने दावा किया है कि इंस्टैंट नूडल्स खाने और फॉर्मूला मिल्क पीने से बच्चे गे बन सकते हैं। मेयर के इस बयान की काफी चर्चा हो रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मेयर एरिफ आर विस्मनस्याह ने एक प्रेग्नेंसी सेमिनार के दौरान यह विवादित बयान दिया। इंडोनेशिया की न्यूज वेबसाइट ओकेजोन के मुताबिक विस्मनस्याह ने कहा, ‘इंडोनेशिया के बच्चों को सेहतमंद, स्मार्ट और स्पर्धी बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि उन्हें शुरुआत से पर्याप्त पोषण खासकर मां का दूध दिया जाए, बजाए मैगी जैसे प्रोडक्ट खिलाने के।

मेयर के मुताबिक उन्हें लगता है कि आज के समय में माता-पिता काफी व्यस्त रहते हैं और ऐसे में वे जल्द तैयार होने वाला खाद्य पदार्थ अपने बच्चों को उपलब्ध कराते हैं। मेयर का कहना है कि इंस्टैंट मिल्स बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

मेयर ने कहा, ‘इसलिए, बच्चे ज्यादा एलजीबीटी होते हैं तो इस पर हैरानी नहीं होनी चाहिए।’ मेयर ने एलजीबीटी विचारों को फैलाने के लिए इंटरनेट को भी जिम्मेदार ठहराया। ऐसे में मेयर के बयान मैगी खाने वालों को चौंकाने वाला है।

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