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अम‍ित शाह बोले- दीमक की तरह भारत को खा रहे हैं घुसपैठ‍िये, बांग्‍लादेश ने कहा- उन्‍हें बोलने का हक ही नहीं

बांग्लादेश के संचार मंत्री इनु ने कहा,''अमित शाह ने ​बांग्लादेशियों को दीमक कहकर गैरजरूरी टिप्पणी की है। हम यहां ढाका में उनके बयान को कोई महत्व नहीं देते हैं क्योंकि वह भारत की तरफ से आधिकारिक बयान जारी करने का अधिकार नहीं रखते हैं।''

बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनु। फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव

बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर बोलने के योग्य नहीं हैं। बांग्लादेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री इनु ने कहा कि बांग्लादेशियों को दीमक बताकर और उन पर भारत में घुसपैठ का आरोप लगाकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गैरजरूरी टिप्पणी की है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा कि शाह भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर बोलने के योग्य नहीं हैं और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ढाका को आश्वासन दिया है कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (एनआरसी) की प्रक्रिया से असम में जिन लोगों को बाहर रखा गया है, भारत उन्हें वापस बांग्लादेश नहीं भेजेगा।

बांग्लादेश के संचार मंत्री इनु ने कहा,”अमित शाह ने ​बांग्लादेशियों को दीमक कहकर गैरजरूरी टिप्पणी की है। हम यहां ढाका में उनके बयान को कोई महत्व नहीं देते हैं क्योंकि वह भारत की तरफ से आधिकारिक बयान जारी करने का अधिकार नहीं रखते हैं। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि असम में एनआरसी की प्रकिया और बंगाली बोलने वाले भारतीय नागरिक भारत का आंतरिक मुद्दा बना रहे।” ये बातें इनु ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा उन्हें भेजे गए आधिकारिक बयान के आधार पर कही।

बांग्लादेश के वरिष्ठ मंत्री का जवाब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान के बाद आया है। ये बातें शाह ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर में शनिवार (22 सितंबर) को आयोजित रैली में कहीं थीं। शाह ने कथित तौर पर कहा था कि बांग्लादेश के नागरिक भारत में घुसपैठ कर रहे हैं और ये घुसपैठिए हमारे देश को दीमक की तरह खा रहे हैं। यही बातें उन्होंने रविवार (23 सितंबर) को दिल्ली में भी कहीं। शाह ने वादा किया कि अगर वह दोबारा सत्ता में आते हैं तो भाजपा पूरे देश में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पहचानकर वापस बांग्लादेश भेजेगी।

अमित शाह के बयान का जवाब इनु ने दिया है। इनु 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के सिपाही भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रमुख को संभवत: असम में एनआरसी के मुद्दे पर भारत और बांग्लादेश के बीच हुई आधिकारिक बातचीत की जानकारी न रही हो। इनु ने कहा,” भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही ढाका में भारत के हाई कमिश्नर हर्षवर्धन श्रिंगला ने हमें भरोसा दिलाया है कि असम में एनआरसी की प्रक्रिया पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और एक भी बंगाली बोलने वाले शख्स को बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा।”

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