ताज़ा खबर
 

इंदौर के लड़के ने मिस्र के पास की जमीन पर किया दावा, खुद को घोषित कर दिया ‘राजा’

सुयश किसी काम से मिस्र गए हुए थे। यहां आकर वह बिर तवील नाम की जगह पर पहुंचे, जहां उन्होंने दो हजार स्क्वायर किमी जमीन के हिस्से पर दावा किया।

– बिर तवील में झंडा गाड़ने के लिए भारतीय मूल के सुयष दीक्षित ने सैकड़ों किलोमीटर का लंबा सफर तय किया है। (फोटोः फेसबुक)

भारतीय मूल के एक शख्स ने उत्तरी अफ्रीका के पास खाली जमीन पर दावा किया है। उसने खुद को वहां का राजा घोषित किया है। यही नहीं, वह इच्छुक लोगों को वहां की नागरिकता लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। डेली टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, सुयश दीक्षित मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रहने वाले हैं। हाल ही में वह किसी काम से मिस्र गए हुए थे। यहां आकर वह बिर तवील नाम की जगह पर पहुंचे, जहां उन्होंने दो हजार स्क्वायर किमी जमीन के हिस्से पर दावा किया। यह जमीन मिस्र और सूडान के बीच में पड़ती है। फिलहाल इस रेतीली और बंजर जमीन पर किसी देश ने दावा नहीं किया है। खुद को इस जमीन का शासक बताने वाले सुयश दो रातों का सफर तय करने के बाद वहां पहुंचे थे। रेतीली लोकेशन तक आने के लिए उसने एक स्थानीय ड्राइवर की मदद भी ली थी।

HOT DEALS
  • Honor 7X 64GB Blue
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback
  • MICROMAX Q4001 VDEO 1 Grey
    ₹ 4000 MRP ₹ 5499 -27%
    ₹400 Cashback

सुयश जिस रूट से बिर तवील पहुंचे हैं, वह अंतर्राष्ट्रीय सीमा है। मिस्र की सेना वहां पर हर वक्त मुस्तैद रहती है। वहीं, आतंकियों का खतरा भी यहां पर मंडराता रहता है, लिहाजा सेना को शूट एट साइट (देखते ही गोली मार देने) का आदेश है। सुयश की मानें तो, “अगर दिमाग में आइडिया ज्यादा भयानक न हों, तो इसका मतलब है कि वे कोशिश ही नहीं कर रहे। यहां पर प्रवेश करने के लिए इजाजत भी चाहिए होती है। हमारे सामने तीन शर्तें थीं- सैन्य इलाकों की कोई फोटो नहीं खींची जाएंगी, एक दिन में लौट कर आना है और कोई जरूरी सामान साथ नहीं ले जाना होगा।”

बिर तवील किसी भी देश या राज्य का हिस्सा नहीं है। यह सीमा पर है और इस पर किसी भी देश ने दावा नहीं पेश किया है। (फोटोः गूगल)

वह सिर्फ अपना झंडा गाड़ने के लिए छह घंटों का सफर तय कर के बिर तवील गए थे। रेतीली जमीन वाले इलाके को उन्होंने ‘किंगडम ऑफ दीक्षित’ नाम से स्थापित किया है और उसकी राजधानी का नाम सुयशपुर रखा है। उसने आगे बताया, “जमीन पर दावा करने के लिए पुरानी नियमों के हिसाब से अपनी फसल उगानी पड़ती है। मैंने यहां पर एक बीज बोया है और उसमें पानी भी दिया है। अब यह मेरा है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App