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पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की कोशिश से संबंधों की संभावना में बाधा खड़ी होती है:अमेरिका

एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने आज कहा कि पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की भारत की कोशिश से संबंध में सुधार की किसी भी संभावना में बाधा खड़ी होती है।

Author Updated: March 30, 2017 12:55 PM
अमेरिका का आकलन है कि इस प्रकार के हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से दोनों देशों के समीकरण बिगड़ने की संभावना बढ जाती है। (photo source- PTI Photo by Subhav Shukla)

एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने आज कहा कि पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की भारत की कोशिश से संबंध में सुधार की किसी भी संभावना में बाधा खड़ी होती है और उन्होंने दोनों देशों के बीच के वर्तमान तनाव पर चिंता प्रकट की। जनरल एल वोटेल ने कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सशस्त्र बल संबद्ध प्रतिनिधिसभा की समिति के सदस्यों से कहा, ‘‘हम पाकिस्तान और उसके पड़ोसी भारत के बीच तनाव लगातार देख रहे हैं। भारत पाकिस्तान में उसके विरूद्ध सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर चिंतित है और उसने अपने यहां आतंकवादी हमला होने पर सैन्य जवाब भी दिया है ।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका का आकलन है कि इस प्रकार के हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से दोनों देशों के समीकरण बिगड़ने की संभावना बढ जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग करने की भारत की सार्वजनिक नीति संबंधों में सुधार की संभावना में बाधा खड़ी करती है। यह विशेषकर मुश्किल भरा है क्योंकि पाकिस्तान और भारत के बीच बड़ा संघर्ष परमाणु टकराव पैदा कर सकता है और उसकी वजह है कि दोनों परमाणु शक्ति हैं।’’

बता दें कुछ समय पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त नासिर खान जांजुआ ने दोनों देशों के रणनीतिक संबंध को लेकर ‘गंभीर चिंता’ प्रकट की थी उन्होंने कहा था कि , ‘‘क्षेत्र में अंतर-देशीय तनाव और भारत जैसे देशों के समुद्री नौसेनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश ने महासागरों को संवेदनशील सुरक्षा दायरे के तौर पर मुख्य केंद्रबिंदु में ला दिया है।’’

दोनों देशों के संबंधों पर बोलते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि ‘साजो-सामान के आदान-प्रदान के समझौते’ ने ‘एशिया की सदी’ के दृष्टिकोण को गंभीर खतरे में डाल दिया है। वहीं कुछ समय पहले अमेरिका के निवर्तमान उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को कसूरवार करार दिया था।

साल की शुरुआत में जो बिडेन ने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व की बदौलत ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अब परमाणु आतंकवाद के खिलाफ फोकस बना है। अपने देश की तारीफ करते हुए जो बिडेन ने कहा था कि हमें उठाए गए कदमों की बदौलत ही दुनिया में परमाणु  हथियारों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की आपूर्ति में कमी आई है।

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