संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने क्रूज मिसाइलों के जरिये उसके दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए।

X पर जारी एक बयान में यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि दोनों तेल टैंकरों- मोम्बासा और अल बहियाह पर उस समय हमला हुआ जब वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे थे। ये हमले ओमान की समुद्री सीमा के भीतर हुए।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मारा गया भारतीय नागरिक मोंबासा पर तैनात था। घायल हुए आठ लोगों में से चार गंभीर रूप से घायल हैं, इनमें से छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक हैं।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने की हमले की निंदा

यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन है।

यूएई ने होर्मुज जलमार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने की मांग की। यूएई ने कहा है कि उसके पास जवाबी कार्रवाई का अधिकार है और उसने अपने सुरक्षा इंतजामों को मजबूत कर दिया है। 

कुछ दिन पहले ही इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलमार्ग को बंद कर दिया था और एक जहाज पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने ईरान में 140 ठिकानों को निशाना बनाया था। 

सोमवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनका देश होर्मुज में फिर से नाकेबंदी शुरू करेगा और इस जलमार्ग से गुजरने वाले माल पर 20% शुल्क देना होगा। ट्रंप के बयान का ईरान ने मजाक उड़ाया और कहा कि होर्मुज जलमार्ग पर उसका कब्जा है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी के बाद यह साफ दिखाई दे रहा है कि एक बार फिर से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ सकता है।

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अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।