रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच राजधानी कीव और आसपास के इलाकों में रूस ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन युद्ध खत्म करने की अपील की थी।

जेलेंस्की ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि रूस ने बड़ी संख्या में जेट-पावर्ड ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। हमले में रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स, रेलवे डिपो और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। कीव और आसपास के क्षेत्र में यह लगातार छठे दिन रूसी हमला था। कई जगहों पर आग लग गई, जबकि देश के अन्य हिस्सों में हजारों परिवारों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।

हमले में भारतीय नागरिक समेत 12 लोगों की मौत

जेलेंस्की के अनुसार, रूसी हमलों में कुल 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि हमले में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि, जेलेंस्की ने मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान या यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की कि उनकी मौत किस इलाके में हुई। हमले से यूक्रेन के कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

कहां-कहां हुआ हमला?

जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के हमलों का असर यूक्रेन के कई इलाकों में देखने को मिला। उनके अनुसार:

खेरसॉन, दोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खारकीव, चेर्निहाइव, झितोमिर, सुमी और निप्रो क्षेत्रों में भी हमले किए गए।

कीव में एक रेलवे डिपो पर हुए हमले में 7 लोगों की मौत हुई।

बोरीस्पिल में पांच मंजिला आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। यहां से 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शहर में कुल 4 लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए।

ओडेसा और आसपास के क्षेत्र में गाइडेड एरियल बम और ड्रोन हमले जारी रहे, जिससे हजारों परिवारों की बिजली गुल हो गई।

रोमानिया से लगती सीमा पर एक बॉर्डर क्रॉसिंग और निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया।

कीव में 350 से ज्यादा राहतकर्मी तैनात

जेलेंस्की ने बताया कि अकेले कीव और आसपास के क्षेत्र में हमले के बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए करीब 350 फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को तैनात किया गया। आपातकालीन दलों ने राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में लगी आग पर काबू पाने का काम किया। कई जगहों पर मिसाइलों के सीधे हमले और गिरते मलबे से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। बोरीस्पिल में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग और एक कारोबारी परिसर भी प्रभावित हुआ।

पीएम मोदी ने पुतिन से की थी युद्ध खत्म करने की अपील

रूस का यह हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के एक दिन बाद हुआ है। दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से अलग हुई थी। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि युद्ध का समाधान मानवता के हित में होना चाहिए और इसे ‘मानवता की खातिर’ समाप्त किया जाना चाहिए।

भारत के लिए क्यों अहम है यह घटना?

रूसी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर भारत के लिए भी चिंता का विषय है। यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब भारत लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने की अपील करता रहा है।

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प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26 वीं बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। कल उन्होंने सम्मेलन से पहले ईरान, रूस, किर्गिस्तान और अर्मेनिया के नेताओं से मुलाकात की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।