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भारतीय नौसेना को मिलेगी 22 विंध्वंसक हारपून मिसाइलें, ओबामा सरकार ने दी हरी झंडी

भारत ने इससे पहले 2010 में वायुसेना के लिए 24 AGM-84L Block II हारपून खरीदी थीं।
हारपून ओवर-द-होराइजन एंटी शिप मिसाइल (Source: US navy)

अमेरिकी रक्षा विभाग ने अमेरिकी रक्षा कंपनी बोइंग को 81 मिलियन डॉलर का कॉन्‍ट्रैक्‍ट सौंपा है। इसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सबमरीन लॉन्‍च्‍ड हारपून ओवर-द-होराइजन एंटी शिप मिसाइल मिलेंगी। 23 सितंबर को जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मिसाइलें पेंटागन के फॉरेन मिलिट्री सेल्‍स (FMS) प्राेग्राम के तहत दी जाएंगी। बोइंग भारत को 12 UGM-84L हारपून ब्‍लॉक II मिसाइल और 10 UTM-84L हारपून ट्रेनिंग मिसाइल सप्‍लाई करेगा। यह सभी एक कंटेनर में रहेंगी जिन्‍हें एक टॉरपीडो ट्यूब के जरिए लॉन्‍च किया जा सकेगा। द डिप्‍लोमेट की खबर के मुताबिक, इसके अलावा दो हारपून सर्टिफिकेशन ट्रेनिंग वाहन, कंटेनर्स, स्‍पेयर्स और सभी तरह का लॉजिस्टिक्‍स सपोर्ट भी भारतीय नौसेना को । साथ ही मिसाइल सिस्‍टम को समझने के लिए कंपनी इंस्‍ट्रक्‍शंस भी मुहैया कराएगी। हथियारों का यह बेड़ा करीब 200 मिलियन डॉलर कीमत का है। यह सौदा जून 2018 में पूरा होगा। भारत ने इससे पहले 2010 में वायुसेना के लिए 24 AGM-84L Block II हारपून खरीदी थीं। इसके बाद 2012 में 200 मिलियन डॉलर देकर 21 अतिरिक्‍त हारपून मिसाइलें खरीदी गईं।

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कॉन्‍ट्रैक्‍ट में किया गया यह बदलाव शिशुमार-क्‍लास (Type 209/1500) डीजल इलेक्ट्रिक अटैक सबमरींस को अपग्रेड करने की वजह से हुआ है। इस अपग्रेड के बाद सबमरींस की आयु 10 साल और बढ़ जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार में दो शिशुमार-क्‍लास SSK को ही अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा जून 2016 में जर्मन डिफेंस कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems (TKMS) के साथ साइन किए गए कान्‍ट्रैक्‍ट के तहत UGM-84L Harpoon Block का मिसाइल सिस्‍टम इंटीग्रेट किया जाएगा।

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गौरतलब है कि भारत हथियारों का बड़ा आयातक देश है। उरी में आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना के पलटवार से भारत-पाकिस्‍तान के बीच तनाव बढ़ गया है। सीमा पर हलचल बढ़ गई है, ऐसे में भारत ने सभी रक्षा सौदों को जल्‍द से जल्‍द पूरा किए जाने पर ध्‍यान देना शुरू किया है। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने रूस से राफेल जेट विमान तय समयसीमा से जल्‍द मिलने की उम्‍मीद जताई है।

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