ताज़ा खबर
 

विमान हाईजैक कर मसूद अजहर को छुड़ाने वाले तालिबान के साथ बैठक में शामिल हुआ भारत

रूस के विदेश मंत्री सर्जेइ लावरोव ने अफगानिस्तान पर दूसरी मास्को बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि रूस और क्षेत्र में स्थित अन्य सभी देश अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच वार्ता स्थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास करेंगे।

Author November 10, 2018 9:18 AM
अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और उच्च शांति परिषद के उपाध्यक्ष हाजी दीन मोहम्मद, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई, कतर में तालिबान की राजनीतिक परिषद के प्रमुख। (REUTERS/Sergei Karpukhin)

अफगानिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत अमर सिन्हा और पाकिस्तान में पूर्व भारतीय उच्चायुक्त टी.सी.ए. राघवन द्वारा शुक्रवार (9 नवंबर, 2018) को गैर आधिकारिक स्तर पर तालिबान संग मंच साझा करने पर भारत ने सफाई दी। नई दिल्ली कहा कि वो तालिबान संग बातचीत नहीं करने जा रहा। 1999 में IC-814 विमान हाईजैक करने के बाद ऐसा पहली बार है जब भारत सरकार के प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से तालिबान से मिले हो। वहीं बैठक का प्रतिनिधित्व कर रहे रूस ने कहा कि अफगानिस्तान में किसी को भी ‘भूराजनीतिक खेल’ नहीं खेलना चाहिए, क्योंकि उसने तालिबान के साथ सीधी शांति वार्ता शुरू करने के उद्देश्य से ‘अनुकूल स्थितियां’ बनाने के लिए एक प्रमुख सम्मेलन का आयोजन किया। एक खुफिया सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बैठक में मौजूद भारतीय प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली की तरफ से कोई बयान नहीं दिया। सूत्र के मुताबिक भारतीय प्रतिनिधियों ने ना कोई बयान नहीं दिया था और ना ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए। यह एक बर्फ तोड़ने वाली बैठक थी।

बता दें कि रूस के विदेश मंत्री सर्जेइ लावरोव ने अफगानिस्तान पर दूसरी मास्को बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि रूस और क्षेत्र में स्थित अन्य सभी देश अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच वार्ता स्थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास करेंगे। तालिबान रूस में प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के मुद्दों का समाधान सिर्फ राजनीतिक साधनों के माध्यम से किया जा सकता है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘‘तास’ ने लावरोव के हवाले से कहा, ‘अफगानिस्तान के इतिहास में एक नया अध्याय खोलने के लिए हम हर संभव प्रयास करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।’ सभा को संबोधित करते हुए लावरोव ने कहा कि सम्मेलन का लक्ष्य राष्ट्रीय सुलह-सफाई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक समावेशी अंतर-अफगान वार्ता को विकसित करना है।

वहीं तालिबान संग भारत की बातचीत के सवाल पर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि, ‘हमने कहां कहा कि भारत तालिबान से बातचीत करेगा? हमने नहीं कहा कि भारत तालिबान से बातचीत करेगा।’ इसके अलावा उन्होंने यह साफ कर दिया बैठक में भाग लेने के लिए भारत बाध्य था। हमने गैर आधिकारिक स्तर पर बैठक में भाग लेने पर विचार किया। गौरतलब है कि कतर में तालिबान की राजनीतिक परिषद के प्रमुख शेर मोहम्मद अब्बास स्तनाकजई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में भाग लिया, सिन्हा और राघवन इस बैठक में मौजूद थे। भारत के अलावा, मॉस्को की बैठक में अमेरिका, पाकिस्तान, चीन, ईरान और कुछ मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। तालिबान ने आतंकी मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए 1999 में भारतीय विमान का अपहरण किया था। (एजेंसी इनपुट सहित)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App