रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ रिश्तों पर बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने दो टूक कहा कि रूस, भारत और चीन दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।
जारी बयान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “हम भारत और चीन, दोनों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं। भारत ने जमीन और समुद्र से दागी जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल विकसित कर ली है। हमने सुखोई-57 लड़ाकू विमान को भी भारत के साथ मिलकर विकसित करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन हमारे भारतीय मित्रों ने उस समय कहा कि पहले हम इस विमान को विकसित कर लें, बाद में वे इससे जुड़ सकते हैं। हमें इससे भी कोई आपत्ति नहीं है।”
रूसी राष्ट्रपति के बयान के मायने
पुतिन का यह बयान उस समय सामने आया है, जब यह चर्चा तेज है कि रूस चीन के अधिक करीब होता जा रहा है। जानकार इसे भारत के लिए बहुत सकारात्मक संकेत नहीं मानते। इसी वजह से व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि भारत के साथ रूस के रिश्ते आगे भी मजबूत बने रहेंगे और दोनों देशों के बीच कई तरह की सैन्य साझेदारियां भविष्य में भी देखने को मिलेंगी।
रूसी राष्ट्रपति ने बिना नाम लिए अमेरिका पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि अमेरिका कुछ मामलों में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आज के समय में भारत पर दबाव बनाना नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका लगातार भारत पर रूस से तेल आयात कम करने और रक्षा क्षेत्र में अमेरिकी प्रणालियों पर अधिक निर्भरता बढ़ाने का दबाव बना रहा है।
पुतिन से पाकिस्तान को लेकर भी सवाल पूछा गया। चीन की बढ़ती दखलअंदाजी पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बड़ा लोकतंत्र है, उसका चीन के साथ सहयोग जरूर है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वो पूरी तरह उसके कंट्रोल में है। पुतिन ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के कई देशों के साथ मजबूत संबंध हैं।
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