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न्यूजीलैंड से भारतीय उच्चायुक्त को वापस बुलाया, पत्नी पर रसोइए के उत्पीड़न का आरोप

न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त रवि थापर को नई दिल्ली वापस बुला लिया गया है। उनकी पत्नी पर अपने रसोइए को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं...

Author Published on: June 28, 2015 8:52 AM

अमेरिका में भारत की राजनयिक देवयानी खोब्रागड़े से मिलते जुलते एक मामले में न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त रवि थापर को नई दिल्ली वापस बुला लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उनकी पत्नी पर अपने रसोइए को प्रताड़ित करने के आरोप लगने के बाद यह कदम उठाया गया है। उसने कहा कि इस मामले की विस्तार से जांच की जा रही है।

मंत्रालय ने थापर पर लगे आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए पिछले महीने एक टीम न्यूजीलैंड भेजी थी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रसोइए का आरोप है कि उच्चायुक्त की पत्नी ने उसे प्रताड़ित किया और उसे दास बनाकर रखा गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने शनिवार को इस बात की पुष्टि की कि उच्चायुक्त को वापस बुला लिया गया है। उनका अभी तीन साल का कार्यकाल बाकी था।

उच्चायुक्त के आवास पर काम करने वाला रसोइया वेलिंगटन में राजनयिक के आवास से एक रात 20 किलोमीटर पैदल चला गया जहां पर उसे परेशान स्थिति में देखा गया। न्यूजीलैंड की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि उसके बाद उसे पुलिस थाना ले जाया गया और फिर कई रातें उसने वेलिंगटन रैनबसेरे में गुजारी। उसने आरोप लगाया कि उसे बंधक बनाकर रखा गया और उच्चायुक्त की पत्नी शर्मिला ने उसे प्रताड़ित किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि मंत्रालय के पास यह मामला पहली बार 10 मई को आया था जब उच्चायोग के सर्विस स्टाफ दल का एक कर्मचारी लापता पाया गया था। उन्होंने बताया कि हालांकि कर्मचारी ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है, विदेश मंत्रालय मामले की जांच करेगा। उच्चायुक्त को वापस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया गया है।

स्वरूप ने बताया कि उच्चायोग ने इसकी जानकारी तुरंत न्यूजीलैंड पुलिस और विदेश मंत्रालय दोनों को दे दी थी और अधिकारियों से जानकारी मिली थी कि कर्मचारी 11 मई को पुलिस के समक्ष गया और कुछ आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय इस तरह के मामलों को बहुत गंभीरता से लेता है और इसकी स्वतंत्र जांच के लिए एक टीम मुख्यालय से न्यूजीलैंड भेजी गई थी। स्वरूप ने बताया कि इस मामले को हल करने के लिए टीम ने न्यूजीलैंड के अधिकारियों की मदद ली थी। टीम ने भारत वापस लौटने के इच्छुक पीड़ित कर्मचारी को वापस लौटने में भी मदद की। वह 28 मई को वापस लौट गया था।

इस बीच, मीडिया की खबरों में बताया गया कि उच्चायुक्त रवि थापर आने की तैयारी कर रहे हैं। शनिवार सुबह उनके वेलिंगटन स्थित आवास पर एक गाड़ी खड़ी नजर आई। विदेश और व्यापार मंत्रालय (एमएफएटी) ने कहा कि उसे जानकारी है कि थापर न्यूजीलैंड छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। एक प्रवक्ता ने बताया कि एमएफएटी को मालूम है कि कर्मचारी ने उच्चायोग में अपने साथ व्यवहार को लेकर न्यूजीलैंड पुलिस को बताया था।

हालांकि, थापर ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह अपनी मां की देखभाल के लिए भारत लौट रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा- मैं जा रहा हूं…पिछले साल मेरे पिता का निधन हो गया था, इसलिए मां की देखभाल के लिए जा रहा हूं। मैं 13,000 किलोमीटर दूर सिर्फ उनसे फोन पर बात कर नहीं रह सकता। थापर ने कहा कि उनकी पत्नी कार दुर्घटना की शिकार हो गई थीं और वे पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई हैं। कभी-कभी गर्दन को सहारा देने के लिए नेक सपोर्ट लगाती थीं। वे किसी को भी प्रताड़ित नहीं कर सकतीं।

फेयरफैक्स मीडिया से उन्होंने कहा कि यह बेहद बेतुकी बात है। स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही 50 साल से ज्यादा उम्र की एक महिला ऐसा करने की सोच भी सकती या 26 साल के किसी हट्टे कट्टे युवक को प्रताड़ित कर सकती है। उन्होंने उन आरोपों से भी इनकार किया कि उक्त युवक को गुलाम बनाकर रखा गया था। उन्होंने कहा- वह घर का संरक्षक था। उस पर हमें पूरा भरोसा था। उसके पास चाबियां थी। सब कुछ खुला था। थापर ने कहा कि गुलामी का सवाल ही नहीं उठता।

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