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आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत-पाक में बातचीत ही बेहतर तरीका: ऐजाज चौधरी

पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज चौधरी ने उम्मीद जताई कि भारत सिंधु जल संधि के तहत प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।

Author मास्को | December 28, 2016 8:18 PM
पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज चौधरी। (एपी फाइल फोटो)

पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज चौधरी कहना है कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत करनी चाहिए, जो आतंकवाद को हराने और तनावपूर्ण संबंधों में सुधार लाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। चौधरी ने मंगलवार (27 दिसंबर) को यहां कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि आतंकवाद को हराने का सबसे अच्छा तरीका भारत के साथ संवाद है। आतंकवाद देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है। रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने चौधरी के एक संवाददाता सम्मेलन के हवाले से कहा, ‘पाकिस्तान और भारत के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं और यही कारण है कि पाकिस्तान और भारत के बीच कोई संवाद नहीं है। एक दूसरे के बारे में गलत धारणा भी है। हमारा नेतृत्व यह नहीं चाहता।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा यह भी मानना है कि दोनों देशों को वार्ता की मेज पर बैठना होगा और एक दूसरे के दृष्टिकोणों को समझना होगा। भले ही कितने भी कठिन मुद्दे हों, जिनमें आतंकवाद भी है जो द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाता है।’

चौधरी के बयान सितंबर में उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच आये हैं। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर हाल ही में दोनों तरफ से गोलीबारी से ‘सामरिक गलत अनुमान’ लग सकते हैं जिसके चलते ‘भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र निगरानी पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी)’ की भूमिका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि भारत यूएनएमओजीआईपी को मान्यता नहीं देता और उसका कहना है कि समूह की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है और शिमला समझौते और उसके बाद एलओसी के निर्धारण के बाद यह अप्रासंगिक है। भारत ने हमेशा कहा है कि उसकी कोई भूमिका नहीं है। चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) को भारत के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता का मंच नहीं मानता जिसका वह अगले साल पूर्णरूपेण सदस्य बन जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सिंधु जल संधि के तहत प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। अगर वह 1960 के समझौते का उल्लंघन करता है तो खतरनाक मिसाल पेश करेगा।

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