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G20 summit: भ्रष्टाचार और भगोड़े आर्थिक अपराधी के मुद्दे को ओसाका घोषणापत्र में शामिल कराना चाहता है भारत, पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं वकालत

G20 summit: जापान में ओसाका सम्मेलन में भारत का मुख्य जोर भ्रष्टाचार और आर्थिक भगोड़े अपराधी के मुद्दे को ओसाका घोषणापत्र में शामिल कराने का है। भारत इसके लिए जापान और जी-20 देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

Author ओसाका | Updated: June 28, 2019 8:03 AM
पीएम मोदी ने जापान के पीएम के साथ ही कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। (फोटोः पीटीआई)

भारत जापान में आयोजित जी-20 सम्मेलन के घोषणापत्र में भ्रष्टाचार और  भगोड़े आर्थिक अपराधी के मुद्दे को ओसाका घोषणापत्र में शामिल कराना चाहता है। इसके साथ ही भारत साल 2022 में जी-20 की अध्यक्षता पर भी नजर बनाए हुए है। ओसाका के बाद भारत उस तिकड़ी का हिस्सा होगा जो जी-20 के अगले चरण की अध्यक्षता करेंगे।

इनमें सऊदी अरब 2020, इटली 2021 और भारत 2022 में जी-20 की अध्यक्षता करेंगे। ओसाका सम्मेलन में भ्रष्टाचार को शामिल किए जाने पर के साथ विचार-विमर्श जारी है। भारत के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हमने भगोड़े आर्थिक अपराधी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। इसके लिए जापान के साथ ही जी-20 के अन्य देशों से बातचीत की जा रही है।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पहले भी भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठा चुके हैं। भारत ने अर्जेंटीना में पिछली बार आयोजित जी-20 सम्मेलन में नौ-सूत्रीय एजेंडा पेश किया था। इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की बात शामिल थी। मुंबई स्थित थिंक टैंक गेटवे हाउस के सीईओ और रिसर्च डायरेक्टर एवं सीनियर जियोइकोनोमिक्स फेलो अक्षय माथुर ने कहा, ‘भारत पहले ही काले धन पर अंकुश लगाने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने, आतंकवाद को धन मुहैया कराने और भगोड़े आर्थिक अपराधियों को वापिस करने पर अपने मत को घोषित कर चुका है।

पश्चिमी मीडिया में इन मुद्दों को ज्यादा तरजीह नहीं दी गई। हालांकि, वित्तीय पारदर्शिता का मुद्दा भारत की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।’ टोक्यो स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर मॉनिटरी अफेयर्स के अध्यक्ष के मुख्य सलाहकार काजुनारी कुडो का कहना है कि यदि आप इस महीने के शुरू में जारी जी20 फाइनेंस ट्रैक क्मयूनिक को देखेंगे तो इसमें साफ तौर पर आतंकवाद को धन मुहैया कराने, मनी लॉन्ड्रिंग से लड़ने और बचाव का विस्तार से जिक्र किया गया है।

ये मुद्दे न सिर्फ जी-20 देशों तक सीमित हैं बल्कि सभी देशों को इन एजेंडा पर काम करने की जरूरत है। माथुर ने कहा कि यह पहली बार होगा की जी-20 डाटा के वैश्विक गवर्नेंस पर सिद्धांतों को  तय करेगा। इस संबंध में जापान के नेतृत्व में ‘ओसाका ट्रैक’ नाम से बातचीत हो रही है। इन सिद्धांतों में डाटा लोकलाइजेशन और डाटा संप्रभुता जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

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