भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ईरानी हमलों में यूएई के परमाणु केंद्र को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई। खाड़ी में बढ़ रहे तनाव के बीच अबू धाबी स्थित बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ईरान के ड्रोन हमले को भारत ने ‘खतरनाक बढ़ोतरी’ बताया। विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा, “भारत यूएई के परमाणु केंद्र को निशाना बनाए जाने को लेकर काफी चिंतित है। ऐसी कार्रवाइयां अस्वीकार्य हैं और यह खतरनाक तनाव बढ़ाने वाली स्थिति को दर्शाती हैं। हम तत्काल संयम बरतने और संवाद व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील करते हैं।”
अबू धाबी स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस हमले में प्लांट के पास आग लग गई थी। यूएई अधिकारियों के मुताबिक ड्रोन ने प्लांट की इंटरनल सिक्योरिटी पेरीमीटर के बाहर लगे एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर को निशाना बनाया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी तरह का रेडियोलॉजिकल रिसाव हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रणालियां सुरक्षित हैं और प्लांट की सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
युद्धविराम को लेकर नई चिंताएं
इस हमले के बाद ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बने नाजुक युद्धविराम को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। साथ ही कूटनीतिक प्रयासों पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। यूएई ने इस हमले को “बिना उकसावे का आतंकी हमला” करार देते हुए कहा कि वह अपनी संप्रभुता के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ये हमले खतरनाक तनाव बढ़ाने वाले हैं। यह अस्वीकार्य आक्रामकता हैं और देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।” अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया कि हमले के बाद लगी आग के चलते एक रिएक्टर को आपातकालीन डीजल जनरेटर से बिजली आपूर्ति दी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने परमाणु स्थलों के आसपास “अधिकतम सैन्य संयम” बरतने की अपील की और कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
किसी देश का नाम नहीं लिया
यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार तीन ड्रोन सऊदी अरब की पश्चिमी सीमा की ओर से यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इनमें से दो को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही मार गिराया गया। हालांकि अधिकारियों ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन यूएई पहले भी ईरान और उसके सहयोगी समूहों पर खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने के आरोप लगाता रहा है।
करीब 20 अरब डॉलर की लागत से बना बराकाह परमाणु केंद्र दक्षिण कोरिया की मदद से तैयार किया गया था और 2020 से संचालन में है। यह अरब वर्ल्ड का एकमात्र परमाणु ऊर्जा स्टेशन है, जो यूएई की लगभग एक-चौथाई बिजली जरूरतों को पूरा करता है।
इस बीच तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि “समय तेजी से निकल रहा है”, जबकि ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कूटनीतिक रास्ते खुले होने के बावजूद उनकी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि आईएसआईएस को दूसरा नंबर का सबसे बड़ा कमांडर अबु-बिलाल अल-मिनुकी को अमेरिकी सेना ने मार गिराया है। ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की। पूरी खबर पढ़ें…
