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सुषमा स्वराज ने अपने समकक्षों के साथ किया संरा सुरक्षा परिषद में सुधारों पर विचार विमर्श

न्यूयार्क। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन से लेकर इब्सा :आईबीएसए: और जी4 (समूह 4) ब्लॉक के सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जल्दी सुधार का मुद्दा उठाया और कहा कि वर्ष 2015 तक सुधार प्रक्रिया पूरी करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। वर्ष […]

Author Published on: September 26, 2014 1:08 PM

न्यूयार्क। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन से लेकर इब्सा :आईबीएसए: और जी4 (समूह 4) ब्लॉक के सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जल्दी सुधार का मुद्दा उठाया और कहा कि वर्ष 2015 तक सुधार प्रक्रिया पूरी करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।

वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 70वीं सालगिरह भी है।

सुषमा स्वराज ने अपनी न्यूयार्क यात्रा के दूसरे दिन कई बैठकें कीं। संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर उन्होंने अपने चीनी समकक्ष वांग यी, ब्राजील के विदेश मंत्री लुई अल्बर्टो फिगुइरेडो मचाडो, बांग्लादेशी विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली से भी मुलाकात की।

उन्होंने जी-4 समूह में ब्राजील, जर्मनी और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ बहुपक्षीय बैठक में भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल विदेश मंत्रियों, दक्षेस, इबसा :भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका:, ब्रिक्स और लातिन अमेरिकी देशों के नेताओं के साथ भी मुलाकात की।

सुषमा स्वराज ने कहा कि जी-4 मंच अफ्रीका महाद्वीप का ‘‘पूरा समर्थन’’ चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्री माइते एमिली एनकोना-मशाबाने ने उन्हें आश्वासन दिया कि अफ्रीका 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी-4 के साथ भारत के प्रयासों का समर्थन करेगा।

आईबीएसए मंत्रियों के साथ अपनी बैठक के बाद सुषमा स्वराज ने भारतीय संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम जब तक अफ्रीका महाद्वीप का समर्थन हासिल नहीं करते, सुधार आगे नहीं बढ़ सकते।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आईबीएसए समकक्षों के साथ अपनी बैठक को ‘‘ बड़ा पूरक’’ बताया जिससे जी-4 बैठक का एजेंडा आगे बढ़ा। जी..4 बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार और सुधारों की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि अपनी सभी बैठकों में द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा उन्होंने जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र निकाय के सुधार वर्ष 2015 तक पूरे हो जाने चाहिए। वर्ष 2015 में ही संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 70 साल पूरे हो रहे हैं।

सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘ समय कम है। चूंकि वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र की 70वीं सालगिरह है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार का ऐतिहासिक फैसला अगले साल तक हो जाना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा कि जी..4 मंच और दक्षिण अफ्रीकी मंत्री के साथ उनकी बैठकें अच्छी रहीं। उन्होंने चीन के साथ भी सुरक्षा परिषद का मुद्दा उठाया।
विदेश मंत्री ने अपनी दो दिनों की बैठकों को ‘‘कामयाब’’ बताया, खासकर सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया की दिशा में।

सुषमा स्वराज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सत्र से इतर इतनी द्विपक्षीय बैठकें एक ‘‘उपलब्धि’’ है।

आईबीएसए बैठक के बाद सुषमा ने अपने दक्षिण अफ्रीकी समकक्ष को वहो के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का हाथ से तैयार किया गया एक पोट्रेट भेंट किया।

अपनी अमेरिका यात्रा के पहले दिन सुषमा ने ब्रिटेन, सूडान, मालदीव, नार्वे, किर्गिजस्तान, यूनान और नाइजीरिया के अपने समकक्षों से मुलाकात की थी।

बैठकों के दौरान सुषमा ने उन देशों को भारत की नयी सरकार द्वारा पेश किए गए प्रस्तावों और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

देशों ने सुधार के बाद विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया।

विदेश मंत्री के समकक्षों ने आम चुनाव में जीत के लिए भारत की नई सरकार को बधाइयां दीं।

सुषमा का अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान करीब 100 विदेश मंत्रियों से मुलाकात का कार्यक्रम है। बाद में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो जाएंगी। मोदी आज न्यूयार्क पहुंचेंगे।

मोदी के न्यूयार्क पहुंचने के पहले सुषमा स्वराज मिस्र के विदेश मंत्री समह हसन शौकरी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह फलस्तीन संबंधी समिति के मंत्रीस्तरीय बैठक में भी शामिल होंगी।

प्रधानमंत्री के न्यूयार्क पहुंचने से पहलेसुषमा मिस्र के विदेश मंत्री समेह हसन शौकरी के साथ एक द्विपक्षीय बैठक करेंगी और ‘‘कमेटी ऑन पैलेस्टाइन’’ की एक मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेंगी।

 

 

 

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