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न्यूयॉर्क में गांजा पीने की मिली छूट,नशे के शौकीन लोग रख सकते हैं 24 ग्राम तक चरस

सरकारी कदम के पीछे अश्वेतों और लातीनियों के कल्याण की भावना मानी जा रही है। 85 ग्राम गांजा और 24 ग्राम चरस रखने की भी होगी छूट।

New York, marijuana, United Statesन्यूयॉर्क में गांजे के इस्तेमाल को कानूनी बनाने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य अश्वेतों और लातीनी मूल के निवासियों की मदद करना है। (फोटो-इंडियन एक्सप्रेस)

अंततः न्यूयॉर्क में भी गांजे के उपभोग की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ न्यूयॉर्क अमेरिका का 15वां ऐसा राज्य बन गया है, जहां मौज-मस्ती के लिए गांजा पीने की छूट मिल गई है। गांजा भारत में प्रतिबंधित है। गांजा पीना अच्छी बात नहीं लेकिन यह तथ्य भी मज़ेदार है कि वर्ष 1985 में राजीव गांधी सरकार ने अमेरिका के दबाव में ही गांजे पर रोक लगाई थी।

नशे के शौकीन लोगों को न्यूयॉर्क प्रशासन ने अपने पास 85 ग्राम तक गांजा रखने की छूट दी है। गांजे का तेल और चरस भी रखी जा सकेगी लेकिन सिर्फ 24 ग्राम। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक जिन-जिन स्थानों पर सिगरेट-बीड़ी पीने की छूट है, वहां पर गांजा भी पिया जा सकेगा। न्यूयॉर्क में सड़क किनारे फुटपाथ पर स्मोकिंग की आमतौर पर छूट है। क्या यह सुविधा फुटपाथी गंजेड़ियों को उपलब्ध होगी? बहरहाल, बंद कार और स्कूल-कॉलेज में गांजा नहीं पिया जा सकेगा।

गांजा सेवन के लिए बने इस कानून के लागू होने से वे सभी लोग दोषमुक्त मान लिए जाएंगे जो इस नशे के कारण सजा पा चुके हैं या जिन पर मुकदमा चल रहे हैं। उन कारोबारियों को भी अब गांजे का धंधा करने की छूट होगी जो कभी इस नशे की दुकानदारी करने में पकड़े गए थे।

गांजे के इस्तेमाल को कानून बनाने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य अश्वेतों और लातीनी मूल के निवासियों की मदद करना है। दरअसल, गांजे का प्रतिबंध तोड़ने में ज्यादातर अश्वेत और लातीनी बिरादरी के लोग ही फंसते आए हैं। नए कानून के मुताबिक गांजे की खरीद-फरोख्त से जो भी टैक्स आएगा उसका चालीस प्रतिशत उपर्युक्त वर्ग के लोगों के कल्याण में लगाया जाएगा।

आप जानते हैं कि तमाम कानूनों के बावजूद अमेरिका में जातीय विद्वेष आज भी मौजूद है। अश्वेतों और लातीनियों को कतिपय श्वेत वर्ग हेय दृष्टि से देखता है। अनेक लोग मानते हैं कि ड्रग्स के धंधों और इस्तेमाल में ये लोग आगे हैं। उल्लेखनीय है कि इस वक्त जॉर्ज फ्लॉयड वाले केस में बचाव पक्ष की ओर से बार-बार यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि जॉर्ज नशे में था। यह अश्वेत आदमी मिनेसोटा राज्य में मारा गया था। वहां गांजे पर अब भी रोक है।

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