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‘जंग तो होनी नहीं है, चलो दोस्ती करें’, पाक पीएम इमरान ख़ान के भाषण की 10 बड़ी बातें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों एटमी हथियारों से लैस हैं। ऐसे में कोई भी देश युद्ध की जुर्रत नहीं करेगा। अगर युद्ध नहीं करना है तो हमें पूरी तरह से दोस्ती के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। दोस्ती से अमन, खुशहाली और तरक्की तय है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर की आधारशिला रखी. (AP Photo/Amr Nabil)

पाकिस्तान में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का शिलान्यास बुधवार को कर दिया गया। इस दौरान भारत की तरफ से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू और केंद्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर भी मौजूद थीं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने इस पहल को हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बेहतर संबंधों के लिए शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यहां आए लोगों के चहेरे पर खुशी वैसे ही है जैसे किसी मुसलमान के मदीना जाने पर रहती है। इस दौरान इमरान खान ने कई मसलों पर अपनी बात रखीं। पेश है उनके भाषण की 10 महत्वपूर्ण बातें–

1. जैसे मुसलमानों के लिए मदीना, सिखों के लिए करतारपुर साहिब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बेहतर संबंधों की दुहाई देते हुए करतारपुर साहिब के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान के लिए जो स्थान मदीना का है, वही स्थान सिखों के लिए करतारपुर साहिब का है। इमरान खान ने कहा कि वह करतारपुर पहुंचे श्रद्धालुओं के चहेरे पर खुशी को देख सकते हैं। ऐसी खुशी मुसलमानों को मदीना जाने पर मिलती है।

2. भारत-पाकिस्तान न्यूक्लियर स्टेट, जंग हो नहीं सकती, चलो दोस्ती करें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों एटमी हथियारों से लैस हैं। ऐसे में कोई भी देश युद्ध की जुर्रत नहीं करेगा। अगर युद्ध नहीं करना है तो हमें पूरी तरह से दोस्ती के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। दोस्ती से अमन, खुशहाली और तरक्की तय है।

3. भारत एक कदम बढ़ाए, हम दो कदम बढ़ाएंगे

इमरान खान ने दोस्ती की बात को और आगे बढ़ाते हुए दावा किया कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाएगा तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ाएगा। पाकिस्तान की लीडरशिप बेहतर ताल्लुकात बनाने में विश्वास रखती है।

4. कश्मीर समस्या का हल तय है

इमरान खान ने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच सिर्फ कश्मीर को लेकर विवाद है। लेकिन, यह विवाद खत्म हो सकता है। जब लोग चांद पर जा सकते हैं, तो एक मसला क्यों नहीं हल कर सकते। उन्होंने कहा कि जिस दिन दोनों मुल्कों की लीडरशिप ठान ले तो कश्मीर समस्या का हल तय है।

5. फ्रांस और जर्मनी जब अच्छे दोस्त हो सकते हैं, तो हम क्यों नहीं

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने जर्मनी और फ्रांस के बीच हुए तमाम कत्लेआम का जिक्र किया। उन्होंने ने दोनों देशों के बीच हुई जंगों का हवाला देते हुए कहा कि एक वक्त में भारत-पाक से भी ज्यादा फ्रांस और जर्मनी में शत्रुता थी। इन देशों ने जमकर खून-खराबा किया। इनके कत्लेआम की तुलना भारत-पाकिस्तान से नहीं की जा सकती। लेकिन, जब ये दोनों देश बेहतर दोस्त हो सकते हैं तो फिर भारत और पाकिस्तान क्यों नहीं।

6. इतिहास से सीखें और आगे की सुधि लें

इमरान खान ने इतिहास में हुई गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य को सुधारने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों मुल्क बहुत जंग देख लिए। लेकिन, अब वक्त आ गया है कि हम अतीत की बातों को भूलकर भविष्य की ओर देखें।

7. मैं, मेरी फौज और पार्टी की सोच में अंतर नहीं

पाकिस्तान प्रधानमंत्री कोई भी हो अहम फैसलों की चाबी फौज के पास होती है। इस आरोप पर भी इमरान खान ने अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि यह चर्चा की जाती है कि लोकतांत्रिक सरकार और फौज की कार्यशैली अलग-अलग है। लेकिन, दुनिया जान ले कि पाकिस्तान में मैं, मेरी फौज और तमाम पार्टियां एक ही पेज पर हैं।

8. बेहतर संबंध से दूर होगी गरीबी

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में व्याप्त गरीबी पर चिंता जाहिर करते हुए इमरान खान ने दुश्मनी भुलाकर इसके खिलाफ जंग लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में गरीबी काफी ज्यादा है। इसलिए दूसरे मामलों में फंसने की बजाय दोनों मुल्कों को इस तरफ ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जब 30 सालों में चीन की 70 फीसदी आबादी गुरबत से बाहर आ सकती है तो फिर दोनों हमारी क्यों नहीं।

9. सिद्धू की आलोचना क्यों?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने दोस्त नवजोत सिंह सिद्धू की आलोचनाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें ताज्जुब हुआ जब सिद्धू पाकिस्तान से हिंदुस्तान गए और उनकी खूब आलोचना हुई। इमरान खान ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि सिद्धू क्या गलत कर रहे थे। वह तो दो देशों में बेहतर संबंध बनाने की कोशिश कर रहे थे। फिर आलोचना क्यों हुई? उन्होंने कहा कि वह करतारपुर साहिब साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर सिद्धू को खास धन्यवाद देते हैं।

10. सिद्धू पाकिस्तान से चुनाव लड़े, जीत जाएंगे
इमरान खान ने सिद्धू की बड़ाई करते हुए कहा कि पाकिस्तान की आवाम में सिद्धू इन दिनों बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। अगर वह पाकिस्तान के पंजाब वाले हिस्से से चुनाव लड़ जाएं तो उनकी जीत पक्की है।

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