आप्रवासन : फ्रांस और ब्रिटेन के बीच क्यों गहरा रहा विवाद

हाल में फ्रांस और ब्रिटेन के बीच स्थित इंग्लिश चैनल में एक नाव के डूब जाने से 27 लोगों की मौत हो गई थी।

हाल में फ्रांस और ब्रिटेन के बीच स्थित इंग्लिश चैनल में एक नाव के डूब जाने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 17 पुरुष, सात महिलाएं और तीन किशोर लड़कियां शामिल थी। स्थानीय मछुआरों के मुताबिक मौसम ज्यादा ठंडा था, लेकिन सामान्य से ज्यादा संख्या में प्रवासी ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए, क्योंकि समुद्र शांत था। बीते हफ्ते बुधवार को विमोरो के नजदीक प्रवासियों के एक समूह को रबर वाली एक नौका लेकर समुद्र की ओर जाते देखा गया। यही समूह 30 किलोमीटर समुद्र पार कर कई घंटों में दक्षिणी इंग्लैंड के डंजीनेस में उतरता देखा गया।

अफगानिस्तान, इराक और कई और देशों से भागने वाले प्रवासी अक्सर इस तरह भरी हुई नावों में इस तरह की जोखिम भरी यात्रा करते है। ब्रिटेन और फ्रांस के बीच स्थित इस संकरे से समुद्री मार्ग में यह अभी तक की सबसे बुरी दुर्घटना थी। हादसे के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने कहा था कि इसमें फ्रांस की गलती थी और फ्रांस के फ्रांस के गृह मंत्री जेराल्ड दारमानिन ने ब्रिटेन पर खराब आप्रवासी प्रबंधन का आरोप लगाया था।

इसके बाद ब्रेक्सिट के बाद लागू हुए व्यापार नियमों और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर पहले से लड़ रहे फ्रांस और ब्रिटेन के बीच झगड़ा बढ़ गया था। शुक्रवार 26 नवंबर को फ्रांसीसी मछुआरों ने सेंट-माइलो में एक छोटे से ब्रिटिश जहाज को रुकने से रोक दिया। उनकी कैलेस के बंदरगाह और चैनल की सुरंग दोनों को ब्लाक करने की भी योजना है। दोनों स्थान ब्रिटेन और यूरोप के बीच व्यापार के बड़े केंद्र हैं।

इसके बाद फ्रांस ने ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल से प्रवासी संकट पर आयोजित एक बैठक में शामिल होने का निमंत्रण वापस ले लिया। इसके पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने इस संकट के दौरान फ्रांस के रवैए की आलोचना की थी। यह ताजा घटनाक्रम है। फ्रांस और ब्रिटेन के बीच आप्रवासन को लेकर विवाद गहरा रहा है। जानसन ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसकी फ्रांस ने निंदा की है।

फ्रांस के गृह मंत्री जेराल्ड दारमानिन के एक करीबी अधिकारी ने चिट्ठी को अस्वीकार्य और साझेदारों के बीच चल रही बातचीत के भाव के विरुद्ध बताया। फ्रांसीसी सरकार के प्रवक्ता गेब्रियल अत्तल के मुताबिक, ‘दारमानिन ने पटेल से कह दिया कि अब उनका स्वागत नहीं है।’ ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि फ्रांस इस फैसले पर पुनर्विचार करेगा। ब्रिटेन के यातायात मंत्री ग्रांट शप्पस ने बताया, ‘कोई देश इस संकट से अकेले नहीं जूझ सकता है इसलिए मुझे उम्मीद है कि फ्रांसीसी इस पर पुनविर्चार करेंगे।’

दूसरी ओर, महीनों से यूरोपीय संघ के तीन सदस्य देश पोलैंड, लिथुआनिया और लातविया प्रवासी संकट से जूझ रहे हैं और अब स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। पोलैंड और बेलारूस की सीमा पर सैकड़ों प्रवासियों ने बर्फीले तापमान के बीच शिविर लगा लिए हैं। पोलैंड की पुलिस ने वीडियो फुटेज जारी की है, जिसमें सीमा पार बेलारूस की तरफ प्रवासियों के शिविर और अलाव दिख रहे हैं। पोलैंड ने बेलारूस पर प्रवासियों को पोलैंड के रास्ते यूरोपीय संघ में घुसने के लिए कहने का आरोप लगाया है।

कुछ वीडियो क्लिपों में सैकड़ों प्रवासियों को पोलैंड की सीमा के पास कुजनिका गांव की तरफ बढ़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ को फावड़े और दूसरे औजारों से बाड़ को तोड़ने की कोशिश करते हुए भी देखा जा सकता है। बाड़ के पार बेलारूस की तरफ करीब आठ हजार लोगों ने शिविर लगाया है।
उन्हें मिला कर करीब चार हजार प्रवासी वहां और पास के जंगलों में मौजूद हैं। पोलैंड की विशेष सेवाओं के एक प्रवक्ता ने कहा कि अनुमान है कि बेलारूस में 12 हजार तक प्रवासी हो सकते हैं। इन प्रवासियों में से अधिकांश मध्यपूर्व से आए हुए हैं।

इसके बाद से तनाव बढ़ रहा है। पोलैंड के अधिकारियों ने बेलारूस के साथ लगे एक सीमा पार करने के स्थान को बंद कर दिया। इसी जगह से हजारों प्रवासियों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी। पोलैंड ने कहा है कि उसने अतिरिक्त सिपाही, बॉर्डर गार्ड और पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। पड़ोसी देश लिथुआनिया ने कहा है कि वो बेलारूस के साथ अपनी सीमा पर आपातकाल लागू कर सकता है।

आप्रवासी कौन

आप्रवासियों में से अधिकांश मध्यपूर्व से हैं। इराक और सीरिया से हैं, कुछ अफ्रीका से भी पहुंचे हैं। सबको यूरोप में घुसने के नए प्रवासी मार्ग की तलाश है। अधिकांश लोग पोलैंड से हो कर सिर्फ गुजरना चाहते हैं। उनकी मंजिल है जर्मनी, ब्रिटेन या पश्चिमी यूरोप के दूसरे देश। इस संकट को लेकर वैश्विक गोलबंदी भी दिख रही है। पोलैंड को इस संकट का सामना करने में यूरोपीय संघ, उसके सदस्य देशों और अमेरिका से भी समर्थन के प्रबल संदेश मिले हैं।

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