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भारतीय उच्चायोग की इफ्तार पार्टी में पाकिस्तानी एजंसियों का शर्मनाक रवैया, हुई बदसलूकी

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता फरहतुल्ला बाबर ने ट्वीट किया कि हर किसी की नजरें होटल की लॉबी में मेहमानों पर टिकी थीं। भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित इफ्तार के लिए आया था। ऐसा लग रहा था कि होटल की किलेबंदी कर दी गई हो।

Author June 3, 2019 2:32 AM
पीएम मोदी के साथ नए विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर

नए विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर को पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से पहली राजनयिक चुनौती मिली है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने सौजन्य दिखाते हुए वहां इफ्तार का आयोजन किया और पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को आमंत्रित किया। लेकिन शनिवार की शाम को आयोजित इफ्तार में पहुंचे मेहमानों को पाकिस्तानी अधिकारियों की जबरदस्त बदसलूकी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा जांच के नाम पर अधिकारियों ने मेहमानों को इफ्तार में शामिल होने से रोका और उनके साथ धक्का-मुक्की की। कई अतिथियों को उत्पीड़ित कर लौटने को मजबूर किया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने समूचे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान को प्रतिवाद पत्र (डिमार्शे) जारी किया है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान में तैनात भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने इस्लामाबाद के सेरेना होटल में वार्षिक इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें पूरे पाकिस्तान से अतिथियों को आमंत्रित किया गया था। इस आलीशान होटल के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। पाकिस्तानी सुरक्षा एवं खुफिया एजंसियों के अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजाम के नाम पर अतिथियों को इफ्तार पार्टी में जाने से रोकने का प्रयास किया। कई मेहमानों की गाड़ियां फोर्कलिफ्ट का इस्तेमाल कर उठवा ली गर्इं और कई मेहमानों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। तीन सौ से ज्यादा मेहमानों को वापस जाने को मजबूर किया गया। इनमें पाकिस्तान के सांसद, सरकारी अधिकारी, पत्रकार, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, कारोबारी, सेवानिवृत्त राजनयिक और विभिन्न देशों के राजनयिकों समेत विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल थीं।

इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय उच्चायोग ने रविवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सामने विरोध दर्ज कराया और इफ्तार में आमंत्रित मेहमानों को धमकी दिए जाने और उनके साथ बदसलूकी की भद्दी घटनाओं की तत्काल जांच की मांग की। उच्चायोग ने पाकिस्तान से कहा कि जांच के नतीजे से उसे भी अवगत कराया जाए। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी डिमार्शे के अलावा भारतीय उच्चायोग ने अलग से लिखित में आपत्ति जताई।

उच्चायुक्त बिसारिया ने वहां मौजूद मेहमानों को अपने संबोधन में कहा कि कुछ मेहमान जश्न में नहीं आ सके। उन्होंने कहा, ‘मैं माफी चाहता हूं कि आपमें से कुछ लोगों को यहां बहुत कठिनाई हुई और हमारे कुछ दोस्त नहीं आ सके।’ अजय बिसारिया ने कहा कि हम अपने उन सभी मेहमानों से माफी मांगते हैं, जिन्हें वापस लौटा दिया गया। पाकिस्तानी एजंसियों की इस तरह की हरकत निराशाजनक है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने न सिर्फ कूटनीतिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया बल्कि असभ्य व्यवहार किया। इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा।

इफ्तार में शामिल एक पाकिस्तान पत्रकार ने ट्वीट किया कि उन्होंने वहां आम दिनों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षा इंतजाम देखा, लेकिन जिन लोगों के पास निमंत्रण पत्र और पहचान पत्र थे, उन्हें इसमें शामिल होने दिया जा रहा था। उन्होंने कहा, ‘मेरे निमंत्रण पत्र की भी जांच की गई और मेरे पेशे एवं रहने की जगह के बारे में पूछताछ की गई और फिर मुझे अंदर जाने दिया गया।’ पाकिस्तान की जानी मानी पत्रकार मेहरीन जाहरा-मलिक ने ट्वीट किया, ‘इस्लामाबाद के सेरेना होटल में गजब की बदसलूकी की गई। भारतीय उच्चायोग की ओर से आयोजित इफ्तार में पुलिस और आतंकवाद रोधी बल ने होटल में जाने वाले हर शख्स से बदसलूकी की। यह यकीनन बदसलूकी है।’

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता फरहतुल्ला बाबर ने ट्वीट किया कि हर किसी की नजरें होटल की लॉबी में मेहमानों पर टिकी थीं। भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित इफ्तार के लिए आया था। ऐसा लग रहा था कि होटल की किलेबंदी कर दी गई हो। मुझे बताया गया कि इफ्तार रद्द हो गया है। जब जोर देकर पूछा तो बताया गया कि मैं दूसरे गेट का इस्तेमाल करूं। दूसरा गेट बंद था और मुझे फिर सामने के गेट से जाने को कहा गया। क्या चल रहा है। कुछ तो गड़बड़ है।’ बाबर ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के किसी न किसी वजह से मेहमानों को रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद वे किसी तरह भारतीय उच्चायोग के इफ्तार में शामिल हुए।

उमर अब्दुल्ला ने जताई तीखी प्रतिक्रिया

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग द्वारा इफ्तार पार्टी में मेहमानों से दुर्व्यवहार मूर्खतापूर्ण कूटनीति है। उमर ने ट्वीट किया, जैसे को तैसा वाली मूर्खतापूर्ण कूटनीति। यह तब भी मूर्खतापूर्ण थी जब हमने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर ऐसा किया था और यह तब भी मूर्खतापूर्ण है जब इस्लामाबाद में हमारे उच्चायोग के बाहर ऐसा किया गया। हिसाब शायद एक-एक से बराबर हो गया, बहरहाल यह आगे बढ़ने का समय है और इस बकवास को बंद किया जाए।

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