अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका, ईरान पर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच बातचीत बेनतीजा रही है। जानकारों का मानना है कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर स्ट्राइक की घोषणा कर सकते हैं।

यदि अमेरिका ऐसी कोई कार्रवाई करता है तो उसका असर पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ेगा। बीबीसी ने संभावित परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए सात संभावनाएं सामने रखी हैं, जो अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की स्थिति में उभर सकती हैं।

सीमित स्ट्राइक और सत्ता परिवर्तन

पहली संभावना यह है कि अमेरिका सीमित सैन्य कार्रवाई करे। वह चुनिंदा ठिकानों को निशाना बनाकर एयर और मिसाइल स्ट्राइक कर सकता है। इसका मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो ईरान की मौजूदा हुकूमत कमजोर पड़ सकती है और राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

सरकार बरकरार, लेकिन अमेरिकी दबाव से बड़े बदलाव

दूसरी संभावना यह है कि ईरान की सरकार बनी रहे, लेकिन अमेरिकी दबाव के कारण उसे नीतिगत बदलाव करने पड़ें। इसमें परमाणु कार्यक्रम पर रोक, विशेष संगठनों को देने वाली फंडिंग में कमी शामिल है। हालांकि, जानकार मानते हैं कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के नेतृत्व में चल रही व्यवस्था में इतने बड़े बदलाव आसान नहीं होंगे। इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय दबाव डाला जा चुका है।

ईरान में सैन्य शासन

तीसरी संभावना यह है कि अमेरिकी हमले के बाद ईरान में सैन्य शासन लागू हो जाए। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का देश की राजनीति और व्यापार में गहरा प्रभाव है। ऐसे में संकट की स्थिति में सेना प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सत्ता संभाल सकती है।

ईरान का जवाबी हमला

चौथी संभावना ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की है। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में वह बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है। खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही, अमेरिका के सहयोगी देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात या जॉर्डन पर भी हमला किया जा सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बाधित होना

पांचवीं संभावना यह है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को बाधित कर दे। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है। अगर इसे बंद या बाधित किया जाता है तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित होगी। 1980 के दशक में इराक-ईरान युद्ध के दौरान भी इस तरह की रणनीति देखी गई थी। हालांकि, ऐसा कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि उसका बड़ा हिस्सा तेल निर्यात पर निर्भर है।

खाड़ी क्षेत्र में नौसैनिक टकराव

छठी संभावना खाड़ी क्षेत्र में नौसैनिक टकराव की है। विश्लेषकों का मानना है कि तनाव बढ़ने की स्थिति में समुद्र में सीधा सैन्य मुकाबला हो सकता है। अमेरिकी नौसेना पहले ही संभावित ‘स्वॉर्म अटैक’ की बात कर चुकी है। अगर नौसेना सक्रिय होती है जंग की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

सरकार का पतन और गृहयुद्ध जैसी स्थिति

सातवीं संभावना यह है कि अमेरिकी हमले से ईरान की मौजूदा सरकार गिर जाए। लेकिन अगर सरकार गिरने के बाद कोई मजबूत और स्थिर विकल्प सामने नहीं आता, तो देश में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति गृहयुद्ध जैसी परिस्थितियां पैदा कर सकती है, जिसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।