Panama papers scame: आईसलैंड के पीएम ने दिया इस्तीफा

पनामा पेपर्स के खुलासे में नाम आने के बाद आइसलैंड प्रधानमंत्री सिगमुडुर डेवियो गुनलॉगसन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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आइसलैंड प्रधानमंत्री सिगमुडुर

पनामा पेपर्स के खुलासे में नाम आने के बाद आइसलैंड प्रधानमंत्री सिगमुडुर डेवियो गुनलॉगसन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले राष्ट्रपति से उन्होंने संसद को भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।

गुनलॉगसन पर कर पनाहगाह ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कपंनी बनाने का आरोप है। इस खुलासे के बाद देश में सियासी पारा चढ़ गया था। उनके खिलाफ विपक्ष और जनता लामबंद हो गई थी। देश के हालात देखते हुए राष्ट्रपति ओलफुर रंगनार ग्रिमसन को अमेरिका दौरा बीच में ही छोड़कर आना पड़ा। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने उनसे मिलकर संसद भंग की सिफारिश थी। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, क्योंकि वह अंतिम फैसले से पहले गठबंधन सरकार के सहयोगियों से चर्चा करना चाहते थे। राष्ट्रपति का कहना था कि इस संबंध में अन्य पक्षों की राय लिए बिना कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सिफारिश ठुकराने के फैसले को राजनीतिक हलकों में अप्रत्याशित बताया गया।

संसद में विपक्षी वाम दलों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था,जिसपर इस सप्ताह मतदान संभावित था। सरकार की सहयोगी इंडिपेंडेंस पार्टी ने भी प्रधानमंत्री के फैसले को समर्थन देने से इनकार कर दिया था। गुनलॉगसन के खिलाफ पूरे देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्हें पद से हटाने के लिए ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसपर पहले ही दिन 16 हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए थे।

अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के आरोपों को चीन ने बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा, ऐसे बेबुनियाद आरोपों पर मुझे टिप्पणी भी नहीं करनी। वहीं, सरकारी मीडिया ने इसके पीछे ताकतवर पश्चिमी शक्तियों का हाथ बताया। इस खुलासे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी डेंग जियाजुई और सत्तारूढ़ सीपीसी के पोलित ब्यूरो के आठ सदस्यों का नाम आया है। इनपर ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ऑफशोर कंपनियां बनाकर कर चोरी करने का आरोप है।

खुलासे में चीनी नेताओं के नाम आने के बाद इंटरनेट पर इससे संबंधित जानकारी देने वाली वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है। साथ ही इससे जुड़े इंटरनेट सर्च पर रोक लगा दी गई है। चीन में वैसी सभी वेबसाइट और सोशल मीडिया के नहीं खुल रहे हैं, जिनमें पनामा लीक्स से जुड़े दस्तावेज हैं। पारंपरिक मीडिया माध्यमों पर भी इससे संबंधित रिपोर्ट ब्लैक आउट कर दी गई है।

पनामा पेपर्स लीक में अपने पिता इयान कैमरन का नाम आने ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन दबाव में हैं। आरोप है कि उनके पिता ने विदेशी कोष में निवेश किया था, परंतु 30 साल तक उसपर कर नहीं दिया। बहामास से संचालित इस कोष में अब भी इयान के नाम पर निवेश है। हालांकि, कैमरन ने इसपर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। इयान की मौत वर्ष 2010 में हो चुकी है। इस बीच, ब्रिटेन के विपक्षी नेता जेरेमी कोरबीन ने कैमरन से कर पनाहगाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

 

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