ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने गुरुवार को बताया कि अमेरिका-इजरायल संघर्ष के शुरुआती घंटों के दौरान ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के ऑफिस पर हुए हमले में वह बाल-बाल बच गए। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि वह टारगेट की गई इमारत के मलबे से बाहर निकले।

अरागची ने बताया कि वह अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के अंदर मौजूद थे जब 28 फरवरी को संघर्ष के शुरुआती घंटों में उस पर हमला हुआ था। अरागची ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “जब उनकी शहादत हुई, मैं उसी कार्यालय में था जिस पर हमला हुआ था।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी पहली सोच और पहली चिंता नेता की हालत को लेकर थी।”

विदेश मंत्री ने बताया कि हमले से हुई तबाही के बीच लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिशों पर ध्यान देते हुए वे दो दिन तक खामेनेई के हाल को लेकर अनिश्चित रहे। उन्होंने याद किया कि बार-बार सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दिए जाने के बावजूद, खामेनेई ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।

अरागची ने अली खामेनेई की तारीफ की

अरागची ने कहा, “खामेनेई ने कहा कि मैं किसी शेल्टर या सुरक्षित जगह पर तब तक नहीं जाऊंगा, जब तक ईरान के हर नागरिक के पास भी सुरक्षित जगह न हो। मेरे लोगों के साथ जो होगा, वही मेरे साथ भी होगा।” युद्ध के दौरान खामेनेई के व्यवहार की तारीफ करते हुए अरागची ने कहा कि सीधी धमकियों का सामना करने के बावजूद खमेनेई निर्देश देते रहे और कामकाज पर नजर रखते रहे।

ईरान के विदेश मंत्री ने संघर्ष बढ़ने से पहले क्षेत्रीय देशों को तेहरान की चेतावनियों का भी जिक्र किया। फारस की खाड़ी के देशों के दौरे के दौरान, उन्होंने कहा कि उन्होंने साफ कर दिया था कि ईरान के खिलाफ हमलों में अमेरिकी बेस का इस्तेमाल करने पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी सुरक्षा कवच की आलोचना करते हुए अरागची ने कहा, “अगर ईरान के पड़ोसी देशों में ये अमेरिकी बेस न होते, तो वे ईरान की जवाबी कार्रवाई का शिकार नहीं बनते।” अरागची के अनुसार, क्षेत्रीय सरकारों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपनी जमीन के इस्तेमाल का विरोध किया था, लेकिन वाशिंगटन ने इसकी परवाह किए बिना कार्रवाई जारी रखी।

मोजतबा खामेनेई का इस्लामिक रिपब्लिक पर पूरा अधिकार- अरागची

अरागची ने बताया कि अब मोजतबा खामेनेई का इस्लामिक रिपब्लिक पर पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “सैयद मोजतबा खामेनेई देश के मौजूदा मामलों में बहुत प्रभावशाली और मजबूत भूमिका निभाते हैं और सत्ता की बागडोर पर उनका पूरा नियंत्रण है।” अरागची ने आगे कहा कि नए सर्वोच्च नेता के साथ लगातार बातचीत होती रहती है और उनके निर्देश अधिकारियों तक पहुंचाए जाते हैं और बिना किसी रुकावट के लागू किए जाते हैं। उन्होंने इस मुश्किल दौर में ईरान के लिए नई लीडरशिप के प्रति व्यापक राष्ट्रीय सहमति को ताकत का एक बड़ा स्रोत बताया।

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अमेरिकी संसद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। संसद ने बुधवार को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ़ जंग जारी रखने की शक्तियों पर रोक लगाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक संसद ने 215 के मुकाबले 208 वोट दिए। ट्रंप की ही पार्टी रिपब्लिकन के चार सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ वॉर पावर्स प्रस्ताव (WPR) के पक्ष में वोट दिया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…