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‘युद्धग्रस्त क्षेत्रों में एक सिगरेट पैकेट के बदले बेच दी जाती है 12 साल की बच्ची’

बीते ढाई साल में इस्लामिक स्टेट समूह ने 6,500 यजीदी लड़कियों और महिलाओं का अपहरण किया है।

Author संयुक्त राष्ट्र | Updated: December 21, 2016 1:50 PM
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून। (पीटीआई फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र के निवृत्तमान महासचिव बान की मून ने सभी देशों का आह्वान कर कहा है कि वह मानव तस्करी के मामलों की जांच करें और उन पर अभियोग चलाएं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों में सर्वाधिक संवेदनशील और पीड़ित महिलाएं, बच्चे और शरणार्थी हैं। युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मानव तस्करी पर खुली चर्चा में 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए बान ने कहा कि इस्लामिक स्टेट से लेकर बोको हरम और अल शबाब जैसे कट्टरपंथी समूह मानव तस्करी करते हैं, खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों की और उनका इस्तेमाल आतंक के हथियार के रूप में तथा धन कमाने के स्रोत के रूप में करते हैं। बान ने कहा, ‘पीड़ितों की खातिर हमें मानव तस्करी से लड़ना होगा। जब हम ऐसा करेंगे तो आतंकियों तक पहुंचने वाले धन मे कमी आएगी और हर कोई सुरक्षित भी होगा।’ संरा प्रमुख के तौर पर बान का कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है। जिस दिन बान ने परिषद के सदस्यों को संबोधित किया उसी दिन संरा सुरक्षा परिषद ने युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मानव तस्करी पर पहले प्रस्ताव के मसौदे को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। यह प्रस्ताव मानव तस्करी की समस्या से निबटने की संरा की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की इस पर प्रतिक्रिया को मजबूत करने से संबंधित है। मादक पदार्थ एवं अपराध पर संरा कार्यालय के कार्यकारी निदेशक यूरी फेदोतोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई के लिए जरूरी मूलभूत इकाइयां संरा कन्वेंशन अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और इसके नियमों के तहत प्राप्त हो सकती हैं।

इस प्रस्ताव को महासभा ने अपनाया था और वर्ष 2003 से यह प्रभावी हो गया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के ऐसे 106 देशों और इलाकों की पहचान की गई है जहां मानव तस्करी के पीड़ित हैं। उनके मुताबिक अच्छी बात यह है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक इनमें से 158 देशों में मानव तस्करी के ज्यादातर प्रकारों का अपराधिकरण किया गया है। फेदोतोव ने कहा, ‘इस समस्या का समाधान खोजने के लिए कोई एक उपाय या केवल कोई एक कदम नहीं है।’ उत्तर इराक में इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा बंधक बनाई गई हजारों यजीदी महिलाओं और लड़कियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद जुटाने के लिए अभियान चलाने वाली अमीना सईद हसन ने परिषद से कहा कि बीते ढाई साल में इस कट्टरपंथी समूह ने 6,500 यजीदी लड़कियों और महिलाओं का अपहरण किया है। उन्होंने बताया, ‘उन्हें गुलामों के, यौन गुलामों के बाजारों में बेच दिया जाता है। 12 वर्ष की बच्ची को सिगरेट के एक पैकेट के बदले बेच दिया जाता है। इन भयावह अपराधों को देखते हुए हम चुप नहीं रह सकते।’ यह प्रस्ताव स्पेन की ओर से आया है और इसमें सदस्य देशों से मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में और कदम उठाए जाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि जिन देशों ने इस दिशा में अभी कदम नहीं उठाए हैं वह संरा के मानव तस्करी से संबंधित प्रोटोकॉल को पूरी तरह लागू करें और तस्करी के जंजाल के खिलाफ जांच करें और उसे खत्म करे। इसमें सदस्य देशों से पीड़ितों की पहचान करने और उन्हें संरक्षण तथा सहायता देने के लिए प्रक्रियाएं स्थापित करने की भी मांग की गई है।

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