ताज़ा खबर
 

चीनी कंपनी हुआवे का आरोप- अमेरिका ने कर्मचारियों को किया मजबूर, साइबर हमले भी किए

हुआवे ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने हाल के महीनों में कंपनी के व्यापार को प्रभावित करने के लिए ‘अनैतिक साधनों’ का इस्तेमाल किया है। चीन के शेनझेन शहर में स्थित हुआवे ने अपने आरोपों के बारे में कोई प्रमाण नहीं दिया है।

बीजिंग | September 4, 2019 7:33 PM
अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि हुआवे चीनी जासूसी में मदद कर सकती है जिससे कंपनी ने इनकार किया है और अमेरिकी अधिकारियों ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है।

चीन के दूरसंचार उपकरण निर्माता हुआवे ने बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों पर इसके सूचना प्रणाली में सेंध लगाने का प्रयास करने और कंपनी की जानकारी जुटाने के लिए कर्मचारियों को मजबूर करने का आरोप लगाया। हुआवे ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने हाल के महीनों में कंपनी के व्यापार को प्रभावित करने के लिए ‘अनैतिक साधनों’ का इस्तेमाल किया है। चीन के शेनझेन शहर में स्थित हुआवे ने अपने आरोपों के बारे में कोई प्रमाण नहीं दिया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके पास इसके अतिरिक्त कोई जानकारी नहीं है।

बीजिंग स्थित अमेरिकी दूतावास ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने हुआवे के इंटरनेट और आंतरिक सूचना प्रणाली में घुसपैठ के लिए साइबर हमला किया। लेकिन इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी है कि किस सूचना को उन्होंने निशाना बनाया था और वह उसमें सफल हुए कि नहीं। हुआवे ने यह भी कहा कि एफबीआई एजेंटों ने उनके कर्मचारियों पर कंपनी की जानकारी जुटाने के लिए दबाव बनाया।
समाचार एजेंसी रायटर ने हुआवे के एक दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना में आठ कर्मचारी शामिल हैं, यह सभी मध्यम से आला दर्जे के एक्जक्यूटिव हैं और इनमें से कई अमेरिकी नागरिक हैं।

इसमें कहा गया है कि नवीनतम घटना 28 अगस्त की है जब एक कर्मचारी ने हुआवे को सूचित किया कि एफबीआई ने उसे मुखबिरी करने के लिए कहा है।
कंपनी ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारी ने हुआवे की खेप में देरी कर, वीजा और अनिर्दिष्ट सूचनाओं को अस्वीकार करके हुआवे के व्यापार को प्रभावित किया है। चीन सरकार ने अमेरिका पर चीनी वाणिज्यिक प्रतिभागिायों को परेशान करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा तर्कों का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि हुआवे चीनी जासूसी में मदद कर सकती है जिससे कंपनी ने इनकार किया है और अमेरिकी अधिकारियों ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और कुछ अन्य देशों की सरकारों ने हुआवे प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। स्मार्ट फोन ब्रांड के तौर पर हुआवे टेक्नोलॉजी लिमिटेड विश्व में दूसरे नंबर की कंपनी है और फोन कंपनियों के लिए नेटवर्क गियर बनाने वाला सबसे बड़ा निर्माता है।

मई में ट्रम्प प्रशासन की ओर से घोषित निर्यात नियंत्रण की व्यवस्था अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक हुआवे की पहुंच को सिमित करेगा। इस निर्यात नियंत्रण के कार्यान्वयन को नवंबर के मध्य तक स्थगित कर दिया गया है। अमेरिका यूरोपीय देशों की सरकारों को अगली पीढ़ी के दूर संचार नेटवर्क से बाहर रखने के लिए लॉबिंग कर रहा है। जर्मनी, फ्रांस और आयरलैंड ने कहा है कि उनकी योजना किसी भी आपूर्तिकर्ता को प्रतिबंधित करने की नहीं है।

Next Stories
1 रूसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को बताई ज्वेज्दा पोत की अत्याधुनिक तकनीक
2 VIDEO: बंदूकधारी को देख भाग रहे थे लोग, खामोशी से बैठा यह शख्स लगाता रहा कश
3 पाकिस्तान: अल्पसंख्यक लड़की को अगवा करने के मामले पर बोले गवर्नर- परिवारों ने मिलकर सुलझा लिया मामला
ये  पढ़ा क्या?
X