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मानवाधिकार संगठन ने की कश्‍मीर में ‘मानव ढाल’ के इस्‍तेमाल की आलोचना, कहा- इससे कम होता है सेना का कद

भारतीय सेना ने गोगोई के कदम का बचाव किया। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक साक्षात्कार में इस प्रकरण का बचाव करते हुए कहा था कि सेना कश्मीर में घृणित युद्ध का सामना कर रही है जिससे नए तरीकों से निपटा जाना चाहिए।

Author June 2, 2017 08:18 am
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर में सेना घृणित युद्ध का सामना कर रही है। (Express Photo)

एक मानवाधिकार संगठन ने कश्मीर में मानव ढाल के रूप में एक नागरिक का इस्तेमाल करने वाले सैन्य अधिकारी को सम्मानित करने के लिए भारतीय सेना की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के कानून विरोधी कदम का समर्थन करना सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों को भविष्य में भी इस तरह के कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा। ह्यूमैन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने कल एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय सेना द्वारा एक अधिकारी को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन समेत ऐसे कदमों के लिए ईनाम देना सेना की जवाबदेही और उसके कद को कमतर करता हैं।’’

संगठन ने मेजर नितिन लीतुल गोगोई का हवाला दिया जिन्होंने जम्मू कश्मीर में उग्र भीड़ से सुरक्षाकर्मियों और चुनाव कर्मियों को बचाने के लिए वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को गैर कानूनी तरीके से मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था और उन्हें इसके लिए सम्मानित किया गया।

भारतीय सेना ने गोगोई के कदम का बचाव किया। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक साक्षात्कार में इस प्रकरण का बचाव करते हुए कहा था कि सेना कश्मीर में घृणित युद्ध का सामना कर रही है जिससे नए तरीकों से निपटा जाना चाहिए। बहरहाल, एचआरडब्ल्यू की दक्षिण एशिया की निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा, ‘‘कश्मीर में सैनिकों का काम मुश्किल है और उन्हें लोगों की जिंदगी बचाने के लिए पुरस्कृत करना चाहिए लेकिन जानबूझकर दूसरों की जान दांव पर लगाकर और उनके अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं।’’

गांगुली ने कहा, ‘‘कानून विरोधी कदम के लिए वरिष्ठ सैन्य और सरकारी अधिकारियों द्वारा समर्थन किया जाना सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों को भविष्य में ऐसे ही गैरकानूनी कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आक्रोश व्यक्त करने वाली क्रूरतापूर्ण कार्रवाई की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुले तौर पर प्रशंसा करना इस भरोसे को कम करता है कि सरकार गंभीर उल्लंघनों के लिए सुरक्षाबल की जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर है।’’

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