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दुनिया हैरान! बिना प्रजनन के अनाकोंडा ने कैसे दिए बच्चे

अमेरिका के एक्वेरियम में अकेले थी अन्ना। फिर भी जनवरी के महीने में उसने जन्म दिए बच्चे। कुछ ही प्रजातियों में बिना प्रजनन मां बनने की क्षमता प्रकृति ने दी है।

Author नई दिल्ली | June 4, 2019 2:27 PM
अमेरिका के न्यू इंग्लैंड एक्वेरियम में मादा अनाकोंडा ने बिना प्रजनन के बच्चे जन्मे हैं। (Photo- Express Image)

आपने कभी सुना है कि बिना प्रजनन के इस धरती पर कोई मादा बच्चे को जन्म दे। पर ऐसा हुआ है। अमेरिका में न्यू इंग्लैंड एक्वेरियम ने पिछले हफ्ते घोषणा की कि उनके यहां एक मादा अनाकोंडा ने शीत ऋतु में कुछ बच्चों को जन्म दिया है। एक्वेरियम के अधिकारियों का दावा है कि मादा अनाकोंडा के एक्वेरियम में किसी नर अनाकोंडा को नहीं रखा गया था। वे उसे बिल्कुल वर्जिन बता रहे हैं। उसके दो बच्चे अब पूरी तरह विकसित भी हो रहे हैं। वैज्ञानिक शब्दावली में इसे पार्थेनोजेनेसिस यानी अछूती वंशवृद्धि कहा जाता है। इसका मतलब जब बिना नर शुक्राणु के मादा अंडे प्रगतिशील होकर वंशवृद्धि में सक्षम हो जाते हैं।

आइए जानते हैं ऐसा कैसे हो गया
ब्रिटानिका इनसाइक्लो​पीडिया में इस अछूती वंशवृद्धि को कुछ ऐसे परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार, ‘प्रजनन की ऐसी शक्ति जिसमें एक मादा के अंदर जननकोश का ऐसा विकास होता है कि नर के​ संपर्क में आए बिना ही वह अपने अंडों से गर्भ धारण कर लेती है।’ हालांकि ये बहुत ही दुर्लभ प्र​क्रिया है लेकिन कुछ निम्न पादपों और कमजोर जीवों को प्रकृति ने ये शक्ति दी है। इनमें रोटिफ़र्स, एफिड्स, चींटियों, ततैया और मधुमक्खियों में इस तरह से गर्भ धारण स्वत: हो जाता है। लेकिन अभी तक बड़े जीवों जैसा कि ताजा मामला सामने आया है, अनाकोंडा में इस तरह के गर्भ धारण की शक्ति का खुलासा बिल्कुल नया है।

अन्ना के क्लोन हैं उसके बच्चे
बायोलॉजी के एक्सपर्ट यही कहते हैं कि अगर किसी जीव या पादप में प्रकृति ने ये शक्ति दी है तो उन्हें प्रजनन प्र​क्रिया से ही वंचित रखा है। कुछ ही प्राणी हैं जो पर्यावरण के संकेत के आधार पर सामान्य प्रजनन प्रक्रिया अपनाते हैं या जरूरत पड़ने पर स्वत: गर्भधारण भी कर लेते हैं। पर अनाकोंडा जैसे बड़े हड्डी वाले जानवरों में ऐसा आज तक नहीं देखा गया। उस मादा अनाकोंडा का नाम एक्वेरियम मैनेजमेंट ने अन्ना रखा है। अन्ना द्वारा बच्चों के जन्म देने की घटना ने तमाम वैज्ञानिकों को चौंका दिया है।

2000 प्रजातियां करती हैं खुद से गर्भधारण
वैज्ञानिकों और जानकारों की मानें तो धरती पर कुल 2000 प्रजातियां ऐसी हैं जिनमें मादा बिना नर के संपर्क में आए ही बच्चों को जन्म देती हैं। एक और चौंकाने वाली बात एक्वेरियम के अधिकारियों ने बताई कि अन्ना और उनके बच्चों के डीएनए बिल्कुल एक जैसे हैं। यानी मां और बच्चे एक दूसरे के क्लोन हैं। ऐसा प्राकृतिक रूप से जन्मे बच्चों में संभव नहीं होता। वैज्ञानिक क्लोनिंग की दिशा में जरूर काम कर रहे हैं। हालांकि पार्थेनोजेनेसिस से जन्मे बच्चों को लेकर एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे जन्में मां और बच्चे पूरी तरह क्लोन ही होते हैं क्योंकि नर से किसी प्रकार का गुणसूत्र आदान प्रदान नहीं होता।

नया नहीं है ये मामला
वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन अनाकोंडा में स्वत: गर्भधारण का दूसरा ज्ञात मामला है। सांपों के लिए इस तरह का मामला अज्ञात नहीं है। 2018 में एडिलेड यूनिवर्सिटी के एक खोजकर्ता ने एक साइंस जर्नल में सांपों के स्वत: गर्भधारण से जुड़ी घटना की जानकारी दी थी। हालांकि कोबरा, माम्बास, ताइपैंस और समुद्री सांपों में इस तरह की प्र​क्रिया होती है।

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