ताज़ा खबर
 

पाकस्‍तानी सेना ने हाफिज सईद की नजरबंद को बताया राष्‍ट्रहित, कहा- हम भारत से जंग नहीं चाहते

भारत के साथ रिश्‍तों के सवाल पर मेजर जनरल गफूर ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है।
हाफिज सईद को सोमवार (30 जनवरी) को नजरबंद किया गया था। (Photo:PTI)

जमात उद दावा के प्रमुख और मुंबई हमलों के मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद को नजरबंद करने के कदम को पाकिस्‍तान की सेना ने राष्‍ट्रहित का कदम बताया है। पाकिस्‍तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस(आर्इएसपीआर) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मंगलवार(31 जनवरी) को बताया कि सईद को नजरबंद करने का फैसला एक नीतिगत निर्णय है। उन्‍होंने मीडिया को बताया, ”यह नीतिगत निर्णय है जो कि राष्‍ट्रहित में लिया गया है। कई सारी संस्‍थाओं को अपना काम करना होता है।” उन्‍होंने इस फैसले के पीछे किसी भी विदेशी दबाव से इनकार किया। गौरतलब है कि हाफिज सईद को सोमवार(30 जनवरी) को नजरबंद किया गया था।

भारत के साथ रिश्‍तों के सवाल पर मेजर जनरल गफूर ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है। उन्‍होंने कहा, ” हम किसी के साथ युद्ध नहीं चाहते। युद्ध किसी समस्‍या का हल नहीं है। हम कश्मीर मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के माध्यम से और बातचीत के जरिये चाहते हैं, लेकिन शांति की हमारी इस चाहत को कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए।’’ पंजाब के गृह विभाग द्वारा सईद के लाहौर के जौहर टाउन स्थित घर को उपजेल घोषित किए जाने के बाद जमात उद दावा प्रमुख को आज उसके मुख्यालय अल कदासिया चौबुर्जी से वहां स्थानांतरित कर दिया गया।

सईद ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया, ‘‘मुझे हिरासत में लेने का आदेश इस्लामाबाद से नहीं वाशिंगटन से आया है। अगर किसी को लगता है कि मुझे नजरबंद करने से कश्मीर में आजादी के आंदोलन को रोकने में मदद मिलेगी तो वह ख्याली दुनिया में रह रहा हैं। मेरी गिरफ्तारी से भारत के खिलाफ कश्मीरियों के आंदोलन को नई प्रेरणा मिलेगी।’’ सईद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि मेरी गिरफ्तारी से उन्हें कश्मीर में राहत मिल जाएगी तो वो बड़ी गलती कर रहे हैं।

इसी बीच, पाकिस्तान में पंजाब असेंबली में विपक्ष ने सईद को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ वा वॉकआउट किया। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व में विपक्ष ने आरोप लगाया कि शरीफ सरकार ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोदी सरकार के दबाव में उठाया। सईद की गिरफ्तारी के विरोध में लाहौर, मुल्तान, फैसलाबाद, गुजरांवाला, सियालकोट, कराची, पेशावर और क्वेटा समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सईद की गिरफ्तारी के बाद हालात पर नजर रख रहे एक अधिकारी के मुताबिक उसके समर्थकों ने इस फैसले की निंदा करते हुए इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.