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हुस्नी मुबारक और उनके कमांडरों हत्या के आरोप से बरी

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को देश की एक अदालत ने 2011 की क्रांति के दौरान सैकड़ों निहत्थे विरोध प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोपों से बरी कर दिया। 2011 में हुई क्रांति की वजह से 30 सालों तक मिस्र पर राज करने के बाद मुबारक सत्ता से बाहर हो गए थे। न्यायमूर्ति महमूद कमेल […]
Author November 30, 2014 10:59 am
2011 की क्रांति के दौरान 846 विरोध प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप से हुस्नी मुबारक कोर्ट ने बरी कर दिया। (फोटो: रॉयटर्स)

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को देश की एक अदालत ने 2011 की क्रांति के दौरान सैकड़ों निहत्थे विरोध प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोपों से बरी कर दिया। 2011 में हुई क्रांति की वजह से 30 सालों तक मिस्र पर राज करने के बाद मुबारक सत्ता से बाहर हो गए थे। न्यायमूर्ति महमूद कमेल अल राशिदी ने साथ ही मुबारक को इस्राइल को गैस के निर्यात करने से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से भी बरी कर दिया।

अल राशिदी ने हत्या का मामला हटाते हुए कहा, ‘‘दंड संहिता के तहत अपराधों के लिए उनपर मुकदमा चलाना सही नहीं है।’’इस फैसले से मुबारक को जून 2012 में मिली उम्रकैद की सजा खत्म हो गयी है। साथ ही 2011 की क्रांति के दौरान 846 विरोध प्रदर्शनकारियों की हत्या की कथित मंजूरी के लिए या बाजार से कम दरों पर गैस के निर्यात से कथित तौर पर फायदा पाने के लिए उन्हें कोई सजा नहीं मिलेगी। न्यायाधीश ने जैसे ही आरोपों को खारिज करते हुए मुबारक से जुड़े मामलों की दोबारा से चल रही सुनवाई खत्म की अदालत कक्ष में खुशी की लहर दौड़ गयी।

अदालत ने मुबारक के सात पूर्व सुरक्षा कमांडरों को भी 2011 की क्रांति के दौरान सरकारी विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्या में ‘निर्दोष’ करार दिया। इन कमांडरों में मिस्र के पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली शामिल हैं। मुबारक के दोनों बेटों को भी भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

पूर्व राष्ट्रपति और इन सभी लोगों को जून 2012 में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी गयी थी। मुबारक इसके बाद अपील जीत गए और 2013 में दोबारा सुनवाई शुरू हुई।

हालांकि मुबारक को किसी भी आरोप को लेकर दोषी नहीं ठहराया गया। वह अब भी रिहा नहीं हो पाएंगे क्योंकि वह सार्वजनिक धनराशि के गबन के एक मामले में तीन साल की अलग सजा काट रहे हैं। वह इस समय काहिरा के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य अस्पताल में अपनी सजा काट रहे हैं।

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