बांग्लादेश में गृह मंत्री के दखल के बाद एल्बिनो भैंसे (डोनाल्ड ट्रंप) की बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर कुर्बानी नहीं दी जाएगी। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के दखल के बाद कुर्बानी नहीं देने का फैसला लिया गया। भैंसे को खरीदार से वापस लेकर नारायणगंज में उसके फार्म पर ले जाया जा रहा है। बुधवार को गृह मंत्रालय के डिप्टी चीफ इन्फॉर्मेशन ऑफिसर फैसल हसन ने इस जानकारी को सार्वजनिक किया।

वायरल हो रहा है भैंसा

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि यह फैसला भैंसे के आसपास बहुत ज़्यादा पब्लिक गैदरिंग और गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए लिया गया। केरानीगंज के खरीदार को पैसे वापस कर दिए गए हैं, और फिलहाल ‘डोनाल्ड ट्रंप’ को पहले की तरह फार्म में ही पाला जाएगा।

नारायणगंज के पाइकपारा में राबेया एग्रो फार्म में पाले गए लगभग 700 किलोग्राम के एल्बिनो भैंसे ने सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसके सफेद फर और हेयरस्टाइल ने कई लोगों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की याद दिला दी, जिससे इसका निकनेम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ पड़ गया।

इससे पहले सोमवार दोपहर को फार्म की तरफ से आयोजित एक बड़े समारोह में भैंसे को उसके खरीदार को सौंप दिया गया। जानवर को रेड कार्पेट, रंगीन धुएं के इफ़ेक्ट और खास सजावट के साथ ‘रॉयल फेयरवेल’ मिला। बाद में ढाका के जिंजीरा इलाके के खरीदार समीर इसे ढाका ले गए।

690 किलो का है भैंसा

फार्म अधिकारियों के मुताबिक भैंस को ज़िंदा वज़न के हिसाब से 550 Tk प्रति किलोग्राम पर बेचा गया। चार साल के भैंसे का वज़न करीब 690 किलोग्राम था। वायरल होने के बाद दूर-दूर के इलाकों से भीड़ भैंस को देखने के लिए फार्म पर उमड़ पड़ी। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट्स के अलावा, रॉयटर्स, एजेंस फ्रांस-प्रेस, न्यूयॉर्क पोस्ट, फ्रांस 24 और गल्फ न्यूज़ जैसे इंटरनेशनल न्यूज़ ऑर्गनाइज़ेशन ने भी इस पर रिपोर्ट पब्लिश कीं।

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स्थानीय पशुधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एल्बिनो भैंसें बेहद दुर्लभ होती हैं। उनका कहना है कि मेलेनिन के उत्पादन की कमी के कारण ही ये जानवर सफेद या गुलाबी रंग के दिखाई देते हैं। इस भैंस के मामले में, उसके घुमावदार सींगों के बीच करीने से जमे सुनहरे बालों ने ही उसे एल्बिनो भैंसों की श्रेणी में रखा है। पढ़ें पूरी खबर