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रोहिंग्या मुसलमानों के लिए हिन्दुओं ने दुर्गा पूजा के खर्च में की कटौती, मुहैया कराएंगे मदद

बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दूरसंचार कंपनियों के रोंहिंग्या शरणार्थियों को मोबाइल फोन कनेक्शन बेचने पर पाबंदी लगा दी है।
बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में राहत सामग्री के लिए छीनाझपटी करते रोहिंग्या मुस्लिम (फोटो-रायटर, 23 सितंबर)

जमाने भर की जिल्लतों का सामना कर रहे रोहिंग्या मुसलमानों के लिए मदद की पेशकश की है हिन्दुओं ने। बस दो चार दिनों में ही दुर्गा पूजा मनाने जा रहे बांग्लादेश के हिन्दुओं ने तय किया है कि वे इस बार पूजा में अपने खर्च में कटौती कर बांग्लादेश में आए रोहिंग्या मुसलमानों की मदद करेंगे। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (22 सितंबर) को बांग्लादेश के हिन्दू समाज ने तय किया कि वे पूजा के खर्च में कटौती कर एक फंड बनाएंगे और इस फंड से रोहिंग्या मुसलमानों की मदद करेंगे। ताजा आंकड़ों के मुताबिक लगभग 4 लाख 30 हजार रोहिंग्या मुसलमान हिंसा प्रभावित म्यांमार के राखिन प्रांत से बांग्लादेश आ चुके हैं। दुर्गा पूजा सेलिब्रेशन काउंसिल के महासचिव ने कहा कि, ‘म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों का सामूहिक पलायन की वजह से मानवीय संकट की स्थिति पैदा हो गई है, हमलोग रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद करने के लिए दुर्गा पूजा के खर्च में कटौती करेंगे।’ संगठन ने कहा है कि देश भर में दुर्गा पूजा समितियों को इस बावत एक फंड बनाने का निर्देश दिया गया है।

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में राहत सामग्री के लिए रोहिंग्या शरणार्थियों में धक्का-मुक्की
(फोटो-रायटर, 23 सितंबर)

बांग्लादेश में पिछले 25 अगस्त से रोहिंग्या मुसलमानों का आगमन जारी है। इधर बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दूरसंचार कंपनियों के रोंहिंग्या शरणार्थियों को मोबाइल फोन कनेक्शन बेचने पर पाबंदी लगा दी है। बांग्लादेश की चार मोबाइल फोन सेवा प्रदाताओं को चेताया गया है कि अगर उन्होंने म्यांमार से आए करीब चार लाख 30 हजार शरणार्थियों को प्रतिबंध के दौरान फोन प्लान दिये तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। दूरसंचार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी इनायत हुसैन ने कहा, ‘‘फिलहाल वे :रोंहिंग्या: कोई सिम कार्ड नहीं खरीद सकते।’’दूरसंचार राज्यमंत्री तराना हालिम ने कहा कि रोंिहग्या शरणार्थियों पर पाबंदी लगाने का कल का यह फैसला सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

खाने के लिए इंतजार करता रोहिंग्या बच्चा
(फोटो-रायटर, 23 सितंबर)

उन्होंने रोंहिंग्या से पैदा स्पष्ट खतरे के बारे में ज्यादा जानकारी दिये बिना कहा, ‘‘हमने मानवीय आधार पर :रोंहिंग्या का स्वागत करने का: कदम उठाया लेकिन साथ ही हमारी अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।’’ बांग्लादेश के दूरसंचार विभाग ने कहा है कि इन शरणार्थियों को बायोमैट्रिक पहचान पत्र जारी होने के बाद पाबंदी हटाई जा सकती है लेकिन इस प्रक्रिया के बारे में सेना का कहना है कि इसमें छह महीने लग सकते हैं।

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  1. M
    mp
    Sep 25, 2017 at 10:37 am
    ये जय चंद देस को हानि पंहुचा रहे है उनका देस उनके पिछवाड़े मार रहा है उन्होंने २८ हिन्दुओ की हत्या की तुम उनकी मदद केर रहे हो
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