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सना रामचंद : पाकिस्तान में प्रशासनिक अफसर बनने वाली पहली हिंदू युवती

पड़ोसी देश पाकिस्तान में पहली बार एक हिंदू युवती प्रशासनिक सेवा (भारत के आइएएस की तरह) में चुनी गई हैं। वे सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) बनी हैं।

सना रामचंद। फाइल फोटो।

पड़ोसी देश पाकिस्तान में पहली बार एक हिंदू युवती प्रशासनिक सेवा (भारत के आइएएस की तरह) में चुनी गई हैं। वे सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) बनी हैं। उनका नाम सना रामचंद है। उन्होंने यह मुकाम हासिल करने के लिए सेंट्रल सुपीरियर सर्विस (सीएसएस) पास की। इसके बाद उनका चयन पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (पीएएस) में हुआ। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी प्रशासनिक परीक्षा है। सना पेशे से एमबीबीएस चिकित्सक हैं।

सीएसएस की लिखित परीक्षा में 18,553 उम्मीदवार शामिल हुए। इनमें 221 पास हुए। परीक्षा पास करने के अपने अनुभवों को लेकर सना ने स्थानीय मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘मैं बेहद खुश हूं, लेकिन हैरान नहीं। मुझे बचपन से ही कामयाबी की ललक रही है। मैं अपने स्कूल, कॉलेज और एमबीबीएस की परीक्षा में भी अव्वल आ चुकी हूं।’

सना सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने सिंध प्रांत के चंदका मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। अभी वे सिंध इंस्टीट्यूट आॅफ यूरोलॉजी एंड ट्रांसपेरेंट से एमएस की पढ़ाई कर रही हैं। वे जल्द ही सर्जन बन जाएंगी।

पाकिस्तान में हिंदू आबादी अल्पसंख्यक है। वहां के कई इलाकों में आज भी कबिलाई संस्कृति है। वहां अल्पसंख्यक हिंदू, सिख या ईसाई आबादी को परेशान किए जाने की खबरें आती हैं। इन हालात में सना रामचंद जैसी सफलता खबर बन जाती है। सना की जमकर तारीफ हो रही है। सीएसएस की परीक्षा में बैठने वालों में से महज दो फीसद उम्मीदवार चुने जाते हैं। सना ने पीएएस निकाला, जो मेरिट में सबसे ऊपर आने वालों को मिलता है। सहायक आयुक्त में नियुक्ति मिलती है और बाद में जिला आयुक्त पद पर पदोन्नति मिलती है। प्रशासनिक सेवाओं में पीएएस के बाद पाकिस्तान पुलिस सेवा और विदेश सेवा आता है।

सना ने बताया कि उन्होंने बिना किसी की मदद के परीक्षा की तैयारी की। कराची की रहने वाली सना ने बताया कि केवल साक्षात्कार के लिए उन्होंने कोचिंग का सहारा लिया था। उनकी सफलता से जहां पूरे परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं हिंदू समुदाय में भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। क्योंकि, बहुत कम हिंदू महिलाएं है, जिन्होंने पाकिस्तान में कोई मुकाम हासिल किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं।

पाकिस्तान में आखिरी बार 1998 में जनगणना हुई थी। 2017 में भी हुई है, लेकिन अभी तक धर्म के हिसाब से आबादी का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। पाकिस्तान के सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, 1998 में वहां की कुल आबादी 13.23 करोड़ थी। उसमें से 1.6 फीसद यानी 21.11 लाख हिंदू आबादी थी। 1998 में पाकिस्तान की 96.3 फीसद आबादी मुस्लिम और 3.7 फीसद आबादी गैर-मुस्लिम थी। 2017 में पाकिस्तान की आबादी 20.77 करोड़ से ज्यादा हो गई। पाकिस्तान की हिंदू काउंसिल का कहना है कि वहां 80 लाख से ज्यादा हिंदू आबादी है, जो पाकिस्तान की कुल आबादी का लगभग चार फीसद है। इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा 94 फीसद हिंदू आबादी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहती है।

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