ताज़ा खबर
 

हिलेरी ने कहा- पाकिस्तान में आसान नहीं था ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अभियान

दो मई, 2011 को चलाए गए अभियान में ओसामा को मौत के घाट उतार दिया था।

Author वॉशिंगटन | Published on: September 9, 2016 5:30 PM
डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन। (AP Photo/Andrew Harnik/File)

डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने 9/11 हमले की 15वीं बरसी से पहले कहा कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खिलाफ पाकिस्तान में अभियान ‘आसान फैसला नहीं’ था। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, ‘मैं उस छोटे समूह का हिस्सा थी जो राष्ट्रपति (बराक) ओबामा को सलाह दे रहा था कि ओसामा बिन लादेन को आखिरकार दंडित करने की कोशिश के तहत पाकिस्तान में घुसने का जोखिम लेने के लिए हमारी खुफिया जानकारी पर्याप्त है या नहीं।’ उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना प्रांत में एक चुनाव रैली में कहा, ‘यह किसी भी तरह से एक आसान फैसला नहीं था। ये कभी नहीं था।’

हिलेरी ने 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा के खिलाफ पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त ठिकाने पर अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़ी भीतरी जानकारी देते हुए कहा, ‘इसलिए उस तरह के हालात को लेकर फैसले लेने के लिए कमरे (सिचुऐशन रूम) में बातचीत का नेतृत्व करने वाले के पास रुख से तथ्य अलग करने की क्षमता होनी चाहिए, उसमें कड़े सवाल पूछने की क्षमता होनी चाहिए, सबसे मुश्किल सुरागों पर आगे बढ़ने की क्षमता होनी चाहिए।’ दो मई, 2011 को चलाए गए अभियान में ओसामा को मौत के घाट उतार दिया था।

हिलेरी ने न्यूयॉर्क के ट्विन टावर पर हुए हमले की 15वीं बरसी से तीन दिन पहले ये टिप्पणी की। अलकायदा के इस हमले में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगानिस्तान के अंदर हमला शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘अब आप जानते हैं कि क्या हुआ था। मैं सिचुऐशन रूम में थी और घटनाक्रम पर मेरी नजर थी। वह शायद मेरी जिंदगी के सबसे तनावपूर्ण 30 मिनट थे। क्योंकि मुझे याद है कि परिसर में उतरते समय एक हेलीकॉप्टर का पिछली हिस्सा दीवार से टकरा गया था और उसने काम करना बंद कर दिया था।’

हिलेरी ने कहा, ‘खुशकिस्मती से हमारे पास आपात योजनाएं थीं, लेकिन सील (विशेष अमेरिकी बल) को अंदर उतारने के लिए हमें दूसरा हेलीकॉप्टर चाहिए था, क्योंकि वे अब उस हेलीकॉप्टर में उड़ नहीं सकते थे।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यह सब आपको इसलिए बता रही हूं क्योंकि मेरे लिए यह कहानी बिल्कुल स्पष्ट तरीके से हमारे मूल्यों को दर्शाती है। आपने डोनाल्ड ट्रम्प को कहते सुना है कि वह हमारे बलों को लोगों को प्रताड़ित करने का आदेश देंगे। आपने उन्हें यह कहते सुना है कि वह हमारे बलों को आतंकियों के परिवार के लोगों को जान से मारने का आदेश देंगे। आपको पता होगा कि वह हमारे अपने कानूनों और साथ ही युद्ध कानूनों के खिलाफ गैरकानूनी कार्रवाई की वकालत कर रहे थे।’

इसी बीच रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के दावेदार 70 साल के ट्रम्प ने कहा कि वह सत्ता में होते तो ओसामा को काफी पहले पकड़ लिया गया होता। उन्होंने ओहायो के क्लीवलैंड में कहा, ‘मेरा आतंकवाद पर और कड़ा रुख होता। बिन लादेन को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराने से काफी पहले आखिरकार पकड़ लिया गया होता।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ‘पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में लगभग रख दिया गया था’
2 शांति रक्षक अभियानों को लेकर भारत, अन्य देशों के संकल्प का बान ने किया स्वागत
3 आतंकवादियों के खिलाफ सख्ती के लिए पंजाब में तैनात किए जाएंगे पाक रेंजर्स