ताज़ा खबर
 

श्वेत लोगों को अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के डर-तकलीफों को समझना चाहिए: क्लिंटन

लुसियाना और मिनेसोटा में इस हफ्ते पुलिस गोलीबारी में अश्वेत व्यक्ति की मौत की घटना के बाद क्लिंटन ने राष्ट्रीय बहस की मांग की।
Author वॉशिंगटन | July 9, 2016 12:21 pm
अमेरिका की पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन। (AP Photo/Chuck Burton, File)

अमेरिकी शहर डलास में हुई गोलीबारी की घटना के बाद एकजुटता का आह्वान करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद के लिए संभावित उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि श्वेत लोगों को अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों से यह जानना चाहिए कि ‘लगातार डर और चिंता की भावना में जीने पर कैसा महसूस होता है।’ क्लिंटन ने शुक्रवार (8 जुलाई) को एक साक्षात्कार में कहा, ‘श्वेत लोगों को समझना चाहिए कि अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों को तब कैसा लगता होगा जब उन पर ठप्पा लगा दिया जाता है या जब उन्हें इस बात की चिंता बनी रहती है कि उनके बच्चे खेलने बाहर जाऐंगे या डेट पर जाएंगे या ड्राइव पर जाऐंगे तो उनके साथ कैसा सलूक होगा।’

डलास में गोलीबारी की घटना के बारे में क्लिंटन ने कहा, ‘हमें अपने पुलिस अधिकारियों की परेशानियों को समझना चाहिए जो हर रोज सुबह अपने इस खतरनाक काम पर निकल जाते हैं। जैसा कि डलास में हुआ जब पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक हुई गोलीबारी का सामना करना पड़ा।’ लुसियाना और मिनेसोटा में इस हफ्ते पुलिस गोलीबारी में अश्वेत व्यक्ति की मौत की घटना के बाद क्लिंटन ने राष्ट्रीय बहस की मांग की। उन्होंने उप राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ रविवार (10 जुलाई) को पेनसिल्वेनिया में होने वाली चुनावी रैली रद्द कर दी।

रिपब्लिकन पार्टी से उनके प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्लोरिडा के मियामी में होने वाला अपना चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिया। क्लिंटन ने कहा, ‘इससे देश बंट गया है। हम सभी को सचेत हो जाना चाहिए। हम इस तरह तो नहीं जीना चाहेंगे। हम नहीं चाहते कि कोई भी व्यक्ति, कोई भी अमेरिकी खौफ में जिए। हम नहीं चाहते कि पुलिस डर कर रहे। अगर हमें इसे खत्म करना है तो हमें एकजुट होकर काम करना होगा।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App