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लेबनान को दंडित न करे सऊदी: हिज्बुल्ला

रियाद सीरिया में पांच साल से राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ चल रही क्रांति का समर्थन करता है जबकि हिज्बुल्ला ने असद की ओर से सैन्य हस्तक्षेप किया है।

Author बेरूत | March 2, 2016 7:37 PM
हिज्बुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए। (एपी फाइल फोटो)

हिज्बुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला ने सऊदी अरब से अपील की है कि वह लेबनान के लोगों को सिर्फ इसलिए मिलकर दंडित न करे क्योंकि रियाद शिया आंदोलन की नीतियों से असहमति रखता है। अपने समूह के अल-मनार नेटवर्क पर टेलीविजन के माध्यम से दिए गए संदेश में नसरल्ला ने कहा कि सऊदी अरब के पास ‘‘यह अधिकार नहीं है कि वह लेबनानी लोगों को सिर्फ इसलिए प्रतिबंधित कर दे कि किसी पार्टी विशेष ने कोई रुख विशेष अख्तियार किया है।’’

पिछले साल, रियाद ने लेबनानी सुरक्षा बलों को उपकरणों के लिए धन उपलब्ध करवाने वाले तीन अरब डॉलर के कार्यक्रम को रोक दिया था और सऊदी नागरिकों से अपील की थी कि वे हिज्बुल्ला से जुड़े ‘शत्रुतापूर्ण’ रुख के जवाब में लेबनान छोड़ दें।

सऊदी अरब की ओर से वित्तीय मदद वापस ले लिए जाने के कारण लेबनान में हिज्बुल्ला के समर्थकों और विरोधियों के बीच वाक्युद्ध छिड़ गया है। नसरल्ला ने कहा, ‘‘यदि यह आपराधिक है तो मैं अपराधी हूं, हिज्बुल्ला अपराधी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपको हमसे समस्या है तो आप ऐसा करना जारी रख सकते हैं। लेकिन बाकी पूरे देश का इससे क्या लेना-देना है?’’

नसरल्ला ने सऊदी अरब पर यह भी आरोप लगाया कि उसने शिया शेख निम्र अल-निम्र को दो जनवरी को मौत की सजा देकर ‘‘सुन्नी और शिया मुस्लिमों के बीच दंगा’’ करवाने की कोशिश की। नसरल्ला ने कहा कि सऊदी ‘शासन के सत्ता में आने के बाद से’ यमन, सीरिया और बहरीन में ‘पिछले 10 साल से, पिछले 100 साल से’ ‘अपराध’ करता रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे युद्ध और सामूहिक हत्याकांड शुरू कर सकते हैं। लेकिन कोई भी सऊदी के क्रोध को भड़काने के डर से कुछ नहीं कह सकता।’’ नसरल्ला ने संकल्प लिया कि हिज्बुल्ला को क्षेत्र में जिन चीजों में सऊदी का रोष दिखेगा, वह उनके खिलाफ बोलना जारी रखेगा।

रियाद सीरिया में पांच साल से राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ चल रही क्रांति का समर्थन करता है जबकि हिज्बुल्ला ने असद की ओर से सैन्य हस्तक्षेप किया है।

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