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‘अमेरिकी चुनाव के दौरान दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ बढ़े घृणा अपराध’

विदेशियों से डर पर आधारित जिन राजनीतिक बयानों को दर्ज किया है, उनमें से हर पांच में से एक बयान के लिए डोनाल्ड ट्रंप जिम्मेदार हैं।

Author वॉशिंगटन | January 12, 2017 4:37 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों के खिलाफ घृणा के कारण की जाने वाली हिंसा और विदेशियों के डर से जुड़ी राजनीतिक भाषणबाजी में इजाफा हुआ। इन दोनों का स्तर 9/11 के आतंकी हमलों के बाद फैली नफरत के स्तर तक पहुंच गया। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई है। दक्षिण एशियाई अमेरिकियों के पैरोकार संगठन साउथ एशियन अमेरिकन लीडिंग टुगेदर (एसएएएलटी) की ओर से जारी रिपोर्ट ‘सत्ता, दर्द और क्षमता’ में कहा गया कि एसएएएलटी ने 15 नवंबर 2015 से 15 नवंबर 2016 (पेरिस हमलों और राष्ट्रपति चुनाव के हफ्ते के बाद) दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ घृणा के कारण की गई हिंसा और विदेशियों से डर के कारण की गई राजनीतिक भाषणबाजी की 207 घटनाओं को दर्ज किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2016 के चुनावी चक्र के दौरान अमेरिका में दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ घृणा के कारण की गई हिंसा की 140 घटनाएं और विदेशियों से डर पर आधारित राजनीतिक भाषणबाजी की 67 घटनाएं दर्ज की गई हैं। एसएएएलटी ने कहा, ‘इन घटनाओं में से 95 प्रतिशत घटनाएं मुस्लिम-विरोधी भावनाओं से प्रेरित हैं।’ रिपोर्ट में कहा गया कि इसके निष्कर्ष एफबीआई के वर्ष 2015 के घृणा अपराधों के आंकड़ों के अनुरूप हैं। इन आंकड़ों में पिछले साल की तुलना में मुस्लिमों के खिलाफ घृणा अपराधों में 67 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है।

मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया कि एसएएएलटी ने विदेशियों से डर पर आधारित जिन राजनीतिक बयानों को दर्ज किया है, उनमें से हर पांच में से एक (21 प्रतिशत) बयान के लिए नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिम्मेदार हैं। एसएएएलटी के ये निष्कर्ष एक ऐसे समय पर आए हैं जब देश में यह समुदाय तेजी से बढ़ने वाले समूहों में से एक है। वर्ष 2010 की जनगणना के अनुसार, अमेरिका में 28.4 लाख भारतीय रहते हैं। वर्ष 2000 में यह संख्या 16.7 लाख थी।

एसएएएलटी की कार्यकारी निदेशक सुमन रघुनाथन ने कहा, ‘हमने घृणा आधारित जिस हिंसा के आंकड़े पेश किए हैं, वह वाकई उस बढ़ते बैरभाव को दर्शाता है, जिसे हमारे समुदाय के सदस्य अपने राष्ट्रीय स्तर पर होते प्रसार के बावजूद अब भी महसूस कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘11 सितंबर के हमलों के बाद जो अभूतपूर्व हिंसा हमने देखी थी, वह लौट आई है। वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के चलते यह हिंसा ज्यादा भड़की है।’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में 43 लाख से ज्यादा दक्षिण एशियाई लोग रहते हैं। नीतिनिर्माताओं को संख्यावृद्धि एवं घृणा के बीच खड़े हमारे समुदायों के इस विरोधाभास को संबोधित करने और इसे दूर करने को अपनी पहली प्राथमिकता बनाना चाहिए।’

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