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अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के 10 आतंकी मारे गए

अफगान बलों ने पकटिका प्रांत में हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों पर धावा बोलकर कम से कम 10 आतंकियों को मार गिराया।

अफगानिस्तान-स्थित हक्कानी नेटवर्क। (फाइल फोटो)

अफगान बलों ने पकटिका प्रांत में हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों पर धावा बोलकर कम से कम 10 आतंकियों को मार गिराया। आंतरिक मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, सोमवार शाम एक  हवाई हमले में हक्कानी आतंकवादी नेटवर्क के शीर्ष एक कमांडर के अलावा नौ अन्य आतंकवादी मारे गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, बयान में कमांडर की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।गौतलब है कि पिछले साल आई खबर में अमेरिका के एक शीर्ष कमांडर का कहना था कि पाकिस्तान-स्थित हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में मौजूद अमेरिका सेना के लिए ‘बड़ा’ खतरा बना हुआ है। उन्होंने आतंकवादी समूह को अमेरिका की मुख्य चिंता करार दिया। पेंटागन के एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो बलों के कमांडर जनरल जॉन निकोल्सन ने कहा, ‘हक्कानी अभी भी अमेरिकियों, हमारे गठबंधन के सहयोगियों और अफगानों के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।’ उन्होंने बताया, ‘पांच अमेरिकी नागरिक अभी भी हक्कानी के कब्जे में हैं। मझे लगता है कि हक्कानी नेटवर्क के बारे में सोचते हुए यह याद रखना आवश्यक है। वह हमारे लिए चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है और उन्हें पाकिस्तान के भीतर पनाहगाह बना रखी है।’

वहीं इसी साल पेंटागन ने दावा किया था कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे अफगानिस्तान केन्द्रित आतंकवादी समूहों ने पाकिस्तानी सरजमीन से सरगर्मियां चलाने की आजादी बरकरार रखी है जबकि अमेरिका ने साफ लफ्जों में पाकिस्तान से आतंकवादी संगठनों के पनाहगाह खत्म करने को कहा था। पेंटागन ने अमेरिकी संसद को दी गई अपनी अर्धवार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘पाकिस्तानी सरजमीन के अंदर सरगर्मी चलाने की तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समेत अफगानिस्तान केन्द्रित आतंकवादी समूहों के वरिष्ठ नेतृत्व की आजादी बरकरार है।’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अमेरिका पाकिस्तान को यह स्पष्ट करना जारी रखे है कि सुरक्षा माहौल को सुधारने और आतंकवादी एवं चरमपंथी समूहों को पनाहगाह से वंचित करने के लिए उसे कौन से कदम उठाने चाहिए।’

नवंबर 2016 तक की अपनी रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समेत अफगानिस्तान केन्द्रित आतंकवादी समूहों के वरिष्ठ नेतृत्व की पाकिस्तानी सरजमीन के अंदर पनाहगाह बरकरार है है और समीक्षा काल के दौरान हक्कानी नेटवर्क के खतरों को दूर करने का कोई अनवरत पाकिस्तानी प्रयास नहीं दिखता। तकरीबन 100 पन्नों की इस रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से लगा क्षेत्र विभिन्न समूहों की पनाहगाह बना हुआ है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सरहद के इलाकों में सक्रिय संगठनों में तालिबान, अल-कायदा, एक्यूआईएस, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), आईएसआईएल-के और इस्लामिक मुवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

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