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पाकिस्तान में स्कूल पर तालिबानी हमला, 124 छात्रों सहित 126 की मौत

पाकिस्तान के पेशावर शहर में सेना द्वारा संचालित एक स्कूल में भारी हथियारों से लैस अरबी भाषी तालिबानी आत्मघाती हमलावरों ने कक्षाओं में घुसकर छात्रों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 124 छात्रों सहित 126 लोगों की मौत हो गई। हमलावरों ने सेना को स्कूल परिसर में घुसने से रोकने के लिए कई […]

Author Updated: December 16, 2014 7:14 PM

पाकिस्तान के पेशावर शहर में सेना द्वारा संचालित एक स्कूल में भारी हथियारों से लैस अरबी भाषी तालिबानी आत्मघाती हमलावरों ने कक्षाओं में घुसकर छात्रों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 124 छात्रों सहित 126 लोगों की मौत हो गई। हमलावरों ने सेना को स्कूल परिसर में घुसने से रोकने के लिए कई छात्रों को बंधक बनाकर उन्हें मानव ढाल बनाया।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री परवेज खटक ने संवाददाताओं को बताया कि अर्द्धसैनिक फ्रंटियर कोर की वर्दी पहनकर आए आठ से दस आत्मघाती हमलावर सुबह साढ़े दस बजे (स्थानीय समय) वरसाक रोड स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में घुस गए और उन्होंने अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हमले में अब तक 124 छात्रों, एक शिक्षिका और सेना के एक जवान की मौत हुई है। कम से कम 122 अन्य लोग घायल हुए।
चश्मदीदों ने स्थानीय मीडिया से कहा कि हाल के वर्षों में बच्चों के खिलाफ दुनियाभर में अब तक के सबसे बर्बर हमलों में से एक हमले में, आतंकवादियों ने कक्षाओं घुसकर हैरान छात्रों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

जिंदा बचे एक छात्र ने संवाददाताओं से कहा कि हमलावरों की लंबी दाढी थी और वे ‘सलवार कमीज’ पहने थे। उसने कहा कि वे अरबी भाषा में बोल रहे थे और विदेशी लग रहे थे।

खटक ने कहा कि लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) में कम से कम 24 शव और कम्बाइंड मिलिट्री अस्पताल (सीएमएच) में 60 शव मौजूद हैं। कम से कम 43 घायलों को एलआरएच में और 40 को सीएमएच में तथा अन्य को पास के अस्पतालों में ले जाया गया है।

खटक ने बताया कि स्कूल इमारत के अंदर कम से कम एक आतंकवादी ने अपने को बम से उड़ा लिया। दो से तीन हमलावर मारे गए और पांच से छह हमलावर अभी भी परिसर में मौजूद हैं। उन्होंने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की।

हमलावर सेना को इमारत में घुसने से रोकने के लिए कई छात्रों को बंधक बनाकर उन्हें मानव ढाल के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि संख्या बढ़ सकती है।

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘राष्ट्रीय त्रासदी’’ करार दिया। अभियान पर स्वयं नजर रखने के लिए वह पेशावर पहुंचे हैं। सेना प्रमुख जनरल रहील शरीफ भी क्वेटा से पेशावर पहुंचे।

 

Peshawar-Graphic

 

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया गया है और बचाव अभियान जारी है। माना जाता है कि हमले के वक्त करीब 500 छात्र और शिक्षक स्कूल के अंदर मौजूद थे।

प्रांत के सूचना मंत्री मुश्ताक गनी ने बताया कि आतंकवादी आर्मी पब्लिक स्कूल से सटे एक कब्रिस्तान के रास्ते आए थे। यह स्कूल वरसाक रोड पर स्थित सेंट मैरी स्कूल से सटा हुआ है। पिछले कई दिनों से इस स्कूल पर भी आतंकवादी खतरा बना हुआ था।

पुलिस और सुरक्षाबलों की बड़ी टुकड़ी ने इलाके को नियंत्रण में लेने के लिए स्कूल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया है।
एक संक्षिप्त बयान में सेना ने बताया, ‘‘सुरक्षाबलों द्वारा बचाव अभियान जारी है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। कई छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया है। कुछ बच्चों और शिक्षकों के आतंकवादी हमले में मारे जाने की सूचना है।’’

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता ने दावा किया कि छह आत्मघाती हमलावरों ने सैन्य स्कूल पर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह पेशावर के करीब उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ सेना के अभियान का बदला है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि वे हमारा दर्द महसूस करें।’’

सेना ने कराची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और सरकार तथा तालिबान के वार्ताकारों के बीच शांति वार्ता नाकाम रहने के बाद जून में बड़ा सैन्य अभियान ‘जार्ब ए अज्ब’ चलाया था।

सेना ने कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान तथा इसके पास के कबाइली क्षेत्र में अभियान के दौरान 1300 से अधिक उग्रवादियों की मौत हुई है और वह उग्रवाद के पाकिस्तान से पूरी तरह से सफाया होने तक अभियान जारी रखेगी।

इस बीच, वरिष्ठ मंत्री हिदायतुल्ला ने संवाददाताओं को बताया कि मरने वालों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है क्योंकि अभियान अभी भी जारी है और हमलावरों ने सैकड़ों को बंधक बना रखा है।

विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इमरान खान ने इस हमले को ‘‘बर्बरतापूर्ण’’ कार्रवाई बताया। खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में इमरान खान की पार्टी का शासन है।
स्कूल के समीप रहने वाली शगुफ्ता ने जियो टीवी को बताया कि उन्होंने दो धमाकों की आवाजें सुनीं जिसके बाद एक हल्का धमाका हुआ।

शुजा नाम के एक छात्र ने समा टीवी को बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई उस समय वे इम्तिहान दे रहे थे तभी शिक्षकों ने उनसे जमीन पर लेट जाने को कहा।
छात्र ने बताया कि सेना के जवानों के आने तक वे करीब एक घंटे फर्श पर लेटे रहे जिसके बाद जवानों ने उन्हें जाने को कहा। कई छात्रों को पीछे के दरवाजे से निकाला गया। वहां से निकले एक छात्र ने दुनया टीवी को बताया कि जब उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी तब चौथा पीरियड चल रहा था। उसने बताया, ‘‘पहले तो हमें यह पता ही नहीं चला कि क्या हुआ…? लेकिन बाद में सेना के अधिकारियों ने हमें पिछले दरवाजे से निकलने को कहा।’’

भारत में चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली पाकिस्तान हॉकी टीम के स्वागत के लिए लाहौर में आयोजित स्वागत समारोह को इस घटना के बाद टाल दिया गया। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने बताया कि भविष्य में उचित समय आने पर समारोह आयोजित किया जाएगा।

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