Israel-Iran War: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से टकराव जारी था। इसको लेकर आशंका लगाई जा रही थी कि कभी भी युद्ध की शुरुआत हो सकती है। 28 फरवरी को वो आशंका हकीकत में बदल गई क्योंकि इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। अब इस हमले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का ग्रोक एआई चर्चा में आ गया है।

दरअसल X पर एक यूजर ने jpost की एक रिपोर्ट शेयर की थी, इसमें बताया गया है कि एलन मस्क के AI चैटबॉट ने ईरान पर हमले की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी। इस पर मस्क ने लिखा कि जो AI भविष्य की गणना कर सकता है, वही असल में बुद्धिमान है। ऐसे में टेक जगत में एक नई बहस शुरू हो गई है कि क्या वाकई में AI चैटबॉट्स भविष्यवाणी कर सकते हैं?

आखिर क्या है मामला?

दरअसल, The Jerusalem Post (REF.) ने तमाम AI चैटबॉट्स के साथ एक प्रयोग किया था। इसमें चैटबॉट्स से अंदाजा लगाने के लिए कहा गया था कि जब अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। इस प्रयोग का मकसद ये जानना था कि इस तरह के सवालों से बचने के लिए कंपनियों ने अपने लार्ज लैंगवेज मॉडल्स को किस तरह से तैयार किया है?

जानकारी के मुताबिक, इस प्रयोग में सभी AI चैटबॉट्स को एक सा ही प्रॉम्प्ट दिया गया था। इस सवाल के जवाब में Anthropic के Claude, Google के Gemini, xAI के Grok और OpenAI के ChatGPT ने अलग-अलग जवाब दिए थे।

बार-बार बताई 28 तारीख

गौरतलब है कि पहली बार ग्रोक से पूछा गया, तो उसने बिना किसी उलझन के शनिवार, 28 फरवरी की तारीख बताई। उसने इस तारीख को जिनेवा में होने वाली बातचीत के नतीजों से जोड़कर देखा था। जब Grok के साथ इसे दोबारा चेक किया गया, तो ग्रोक के अंदाज में थोड़ा बदलाव आया। उसने माना कि ऐसी चीजों में अनिश्चितता होती है, लेकिन इसके बावजूद उसने फिर से 28 फरवरी की ही तारीख दोहराई।

अब जब ईरान पर इजरायल-अमेरिका ने 28 तारीख को ही हमला कर दिया है तो ग्रोक की भविष्यवाणी की चर्चा होने लगी है।

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Khamenei death | Ali Khamenei death। iran Supreme Leader killed
Khamenei Death: खामेनेई की मौत के बाद रविवार को तेहरान का दृश्य कुछ इस तरह का। (AP)

ईरान के इस्लामी गणराज्य को बने 47 साल हो चुके हैं। इनमें से करीब 45 साल तक अली खामेनेई ने देश की अंदरूनी और विदेश नीति पर लगभग पूरा नियंत्रण रखा। रविवार को जब हवाई हमले में सर्वोच्च नेता की मौत की खबरें सामने आईं, तो ईरान की सरकार और व्यवस्था एक ऐसी स्थिति में आ गई, जो उसने पहले कभी नहीं देखी थी। इसी वजह से अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान का भविष्य क्या होगा? मध्य पूर्व में हालात किस दिशा में जाएंगे? दुनिया और भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा? यह सब इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरानी सेना और अमेरिका–इज़रायल गठबंधन के बीच संघर्ष जारी है। पढ़ें पूरी खबर…