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पेशावर स्कूल हमले की घटना से पाकिस्तान में शोक

पेशावर में तालिबान के आत्मघाती हमले में 141 लोगों के मारे जाने से बाद गहरे शोक में डूबे पाकिस्तान में आज तीन दिन का राष्ट्रीय शोक शुरू हो गया। दुनिया को झकझोर देने वाली इस घटना के चलते अशांत खैबर पख्तूनख्वा में सभी शैक्षिक संस्थान बंद रहे। पेशावर इसी प्रांत की राजधानी है। प्रधानमंत्री नवाज […]

Author December 17, 2014 4:16 PM
पेशावर के सैन्य स्कूल पर हुए आतंकी हमले के चलते अशांत खैबर पख्तूनख्वा में सभी शैक्षिक संस्थान बंद रहे। (फ़ोटो-एपी)

पेशावर में तालिबान के आत्मघाती हमले में 141 लोगों के मारे जाने से बाद गहरे शोक में डूबे पाकिस्तान में आज तीन दिन का राष्ट्रीय शोक शुरू हो गया। दुनिया को झकझोर देने वाली इस घटना के चलते अशांत खैबर पख्तूनख्वा में सभी शैक्षिक संस्थान बंद रहे। पेशावर इसी प्रांत की राजधानी है।

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा घोषित तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की वजह से पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ है। शेष देश में ज्यादातर स्कूल खुले जहां सुबह की सभा में मौन रखा गया।

इस्लामाबाद और रावलपिंडी सहित विभिन्न शहरों में लोगों ने हमले की निन्दा करने और पीड़ित परिजनों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए कैंडल मार्च निकाला। हमले की निन्दा करने के लिए सभी तबकों के लोग एकजुट हुए और राजनीतिक नेताओं ने भी आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने के लिए एकजुटता दिखाई।
मृतकों को दफनाना बीती रात ही शुरू हो गया था और यह आज भी जारी रहेगा। नमाज ए जनाजा में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की उम्मीद है।

हमले की जिम्मेदारी लेने वाले तहरीक ए तालिबान के करीबी सहयोगियों ने भी इस कृत्य की निन्दा की है। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि उसके समूह की पीड़ितों के प्रति सहानुभूति है। इन आतंकवादियों ने पाकिस्तान में हमलों पर विगत में कभी कभार ही बयान जारी किया है। मुल्ला फजलुल्ला के नेतृत्व वाले पाकिस्तान तालिबान के आतंकवादी अफगान तालिबान के प्रमुख मुल्ला उमर को अपना सर्वोच्च नेता मानते हैं।

हमले से देश के एकजुट होने तथा सेना पर ‘‘अच्छे और बुरे तालिबान’’ के अंतर को खत्म करने के लिए दबाव पड़ने की उम्मीद है, जिसे पाकिस्तान और क्षेत्र में आतंकवाद का मुख्य कारण माना जाता है।

इस बीच, प्रधानमंत्री शरीफ आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर चर्चा करने के लिए राजनीतिक और सुरक्षा विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
पेशावर में कल सेना द्वारा संचालित एक स्कूल पर आतंकवादियों के बर्बर हमले में 132 छात्रों सहित कम से कम 141 लोग मारे गए थे।

रेडियो पाकिस्तान ने खबर दी है कि बैठक में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने तथा देश से आतंकियों को उखाड़ फेंकने के लिए रणनीति बनाने के तौर तरीकों पर चर्चा होगी। इसमें लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने के कदमों की भी समीक्षा की जाएगी।

शरीफ ने कल कहा था कि आतंकी कृत्य से सभी तरह के आतंकवाद को उखाड़ फेंकने का उनकी सरकार का संकल्प प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा बहाए गए खून की प्रत्येक बूंद का बदला लेने का संकल्प किया।

 

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