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UN में दुनियाभर के पॉवरफुल नेताओं की आलोचना करने वाली 16 वर्षीय लड़की चुनी गई ‘पर्सन ऑफ द ईयर’, जानिए- कौन है ग्रेटा थनबर्ग?

ग्रेटा उस वक्त चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में दुनियाभर के पावरफुल नेताओं पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन से निपटने में विफल रहने और नई पीढ़ी के साथ धोखा करने का आरोप लगाया था।

united nations, person of the year, greta thungberg, greta as person of the year, climate change,स्वीडन की 16 साल की पर्यावरण ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने 2019 का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुना है। (फोटो-PTI)

स्वीडन की 16 साल की ग्रेटा थनबर्ग को अमेरिका की टाइम मैगजीन ने 2019 का पर्सन ऑफ द ईयर चुना है। ग्रेटा इस साल काफी सुर्खियों में रही हैं। ग्रेट उस वक्त चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में दुनियाभर के पावरफुल नेताओं पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन से निपटने में विफल रहने और नई पीढ़ी के साथ धोखा करने का आरोप लगाया था।

थनबर्ग इस साल जनवरी में 17 साल की होनी वाली हैं। वह अपने बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। दुनिया के नेताओं से सीधे संबोधन के चलते वह सुर्खियों में आईं थी। उन्होंने दुनिया के बड़े नेताओं से जलवायु परिवर्तन को लेकर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
स्टॉकहोम में 3 जनवरी 2003 को जन्मी ग्रेटा की मां एक अन्तरराष्ट्रीय ओपेरा सिंगर मालेना एमान हैं, जबकि पिता स्वांते थनबर्ग भी अभिनय की दुनिया में एक जाना माना नाम हैं। केवल आठ वर्ष की उम्र में ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन के बारे में सुना और उसे इस दिशा में बरती जा रही लापरवाही को लेकर चिंता होने लगी। 11 वर्ष की उम्र तक आते आते ग्रेटा को अवसाद और मनोरोग ने घेर लिया, लेकिन नन्ही बच्ची ने बड़ी हिम्मत के साथ एस्परजर सिंड्रोम का मुकाबला किया और इसकी वजह से आने वाली दिक्कतों के सामने घुटने टेकने की बजाय इसे अपनी हिम्मत बनाकर नये हौंसले के साथ पर्यावरण संरक्षण की अपनी मुहिम में जुट गई।

इस घोषणा के समय थनबर्ग मैड्रिड में संयुक्त राष्ट्र जलवायु मंच की एक बैठक में थीं। थनबर्ग ने टाइम को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम यह मानकर नहीं जी सकते कि कल नहीं आएगा, क्योंकि कल आएगा। यही हम कह रहे हैं।’’ टाइम ने लिखा, ‘‘वह पूरे विश्व का ध्यान खींचने में सफल रहीं हैं, लाखों अस्पष्ट विचारों को बदला, तत्काल बदलाव का आह्वान कर बेचैनियों को एक वैश्विक आंदोलन में बदल दिया।’’

टाइम ने आगे कहा, ‘‘उन्होंने काम करने के इच्छुक लोगों ने नैतिक आह्वान किया और जो इसके लिए तैयार नहीं थे, उन पर आक्रोश व्यक्त किया।’’ इसके अलावा टाइम मैगजीन ने अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम को ”एथलीट ऑफ द ईयर”, अमेरिकी लोकसेवकों को ”गार्जियन ऑफ द ईयर”, गायक लिजो को ”इंटरटेनर ऑफ द ईयर” और डिज्नी के सीईओ बॉब इगर को ”बिजनेस पर्सन ऑफ द ईयर” चुना।

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