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अफसरों ने दो सांसदों को चार घंटे कंटेनर में रखा बंद- पाकिस्तान में मरियम नवाज का सनसनीखेज आरोप

मरियम नवाज ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान को मिले वोट का कोई संवैधानिक और नैतिक मूल्य नहीं है।

national news india newsपाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज। (रॉयटर्स फोटो)

पाकिस्तानी संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के एक दिन बाद प्रमुख विपक्षी पार्टी पीएमएल- एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के दो सांसदों को चार घंटे के लिए एक कंटेनर में बंद कर दिया था। मरियम नवाज ने यह भी कहा है कि विश्वास मत पाने के लिए सरकार ने गुप्तचर एजेंसियों का भी इस्तेमाल किया था। कल शनिवार को पाकिस्तानी संसद में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में वोटिंग के दौरान विश्वास मत को हासिल कर लिया।

मरियम नवाज ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान को मिले वोट का कोई संवैधानिक और नैतिक मूल्य नहीं है। साथ ही मरियम ने कहा कि सीनेट के चुनावों में यूसुफ रजा गिलानी को वोट देने वाले एमएनए(सांसदों) ने केवल दो दिनों में ही अपना मन कैसे बदल लिया। आगे मरियम ने कहा कि उन सांसदों ने अपना फैसला नहीं बदला बल्कि सरकार के द्वारा फैसले बदलने के लिए मजबूर किया गया। 

इसके अलावा मरियम ने कहा कि मुझे पता चला है कि दो सांसद जो प्रधानमंत्री के पक्ष में वोट करने को तैयार नहीं थे, उन्हें इस्लामाबाद के गोलरा के निकट एक कंटेनर में बंद करके रखा गया। साथ ही उन सांसदों को सुरक्षाकर्मियों ने इमरान खान के पक्ष में वोट देने के लिए मजबूर किया। हालांकि मरियम ने न तो उन सांसदों के नाम का जिक्र किया और न ही इसकी जानकारी देने वाले सूत्रों के बारे में बताया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच नेशनल असेंबली (संसद) में विश्वासमत जीत लिया। विश्वास मत जीतने के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता खत्म हो गयी। हाल ही में हुए सीनेट चुनाव में वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख की हार के बाद इमरान खान की सरकार पर संकट आ गया था। प्रधानमंत्री खान को संसद के 342 सदस्य वाले निचले सदन में 178 वोट मिले। हालांकि बहुमत के लिए 172 वोट की ही जरूरत थी। विश्वास मत के लिए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के निर्देश पर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बाद इमरान खान दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने नेशनल असेंबली में विश्वासमत हासिल करने का फैसला किया। वर्ष 1993 में पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय द्वारा नवाज शरीफ को दोबारा प्रधानमंत्री पद पर बहाल करने का आदेश दिया गया था। जिसके बाद नवाज शरीफ ने नेशनल असेंबली में विश्वास मत कराया था।

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