ताज़ा खबर
 

पाकिस्तान समाजसेवी अब्दुल सत्तार ईधी इंतकाल पर गीता हुई भावुक

लती से सरहद पार पहुंचने वाली गीता को पाकिस्तान की ईधी फाउंडेशन ने गोद लिया और अपने कराची के परिसर में रखा था।
Author इंदौर | July 9, 2016 19:50 pm
गीता। (file photo)

पाकिस्तान में दशक भर से ज्यादा वक्त बिताकर गत अक्तूबर में भारत लौटी गीता ने पड़ोसी मुल्क की समाजसेवी संस्था ईधी फाउंडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ईधी के निधन पर शनिवार को शोक जताया। गलती से सीमा लांघने के बाद भारत से पाकिस्तान पहुंचने वाली गीता को ईधी फाउंडेशन ने ही आसरा दिया था।  मध्यप्रदेश सरकार की ओर से यहां जारी विज्ञप्ति में गीता के हवाले से कहा गया, ‘ईधी साहब मुझसे पिता की तरह स्नेह करते थे और मेरा अच्छी तरह ख्याल रखते थे।’

मूक..बधिर युवती ने याद किया कि पाकिस्तान में ईधी ने उसे रहने के लिये अलग कमरा भी उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही, उसकी धार्मिक मान्यताओंं का सम्मान करते हुए उसे हिंदू देवी..देवताओं की तस्वीरें भी लाकर दी थीं, ताकि वह इनकी पूजा कर सके।  भारत वापसी के बाद गीता मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की गैर सरकारी संस्था ‘मूक..बधिर संगठन’ के आवासीय परिसर में रह रही है।

गीता 7..8 साल की उम्र में पाकिस्तानी रेंजर्स को समझौता एक्सप्रेस में लाहौर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। गलती से सरहद पार पहुंचने वाली इस मूक..बधिर लड़की को पाकिस्तान की ईधी फाउंडेशन ने गोद लिया और अपने कराची के परिसर में रखा था।  पाकिस्तान में 10 साल से ज्यादा वक्त गुजारने के बाद गीता 26 अक्तूबर 2015 को भारत वापस लौटी थी। इसके अगले दिन उसे इंदौर में मूक..बधिरों के लिये चलायी जा रही गैर सरकारी संस्था के आवासीय परिसर में भेज दिया गया था। वह इस परिसर में तब तक रहेगी, जब तक सरकार उसके परिवार को खोज नहीं लेती।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App