मेलबर्न में गांधी जी की प्रतिमा को शरारती तत्वों ने तोड़ा, शुक्रवार को हुआ था अनावरण, पीएम मॉरिसन ने की निंदा

प्रतिमा को भारत सरकार ने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आस्ट्रेलिया सरकार को उपहार में दी थी।

यह घटना प्रधानमंत्री मॉरिसन द्वारा रोविल में ऑस्ट्रेलियाई भारतीय सामुदायिक केंद्र में प्रतिमा का अनावरण करने के कुछ घंटों बाद हुई। (FB/JasonWood.updates/)

आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में शुक्रवार को कुछ शरारती तत्वों ने महात्मा गांधी की एक आदमकद कांस्य प्रतिमा को अनावरण करने के कुछ घंटे बाद क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रतिमा को भारत सरकार ने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार (12 नवंबर 2021) को उपहार में दी थी। प्रधानमंत्री मॉरिसन ने रोविल में भारतीय सामुदायिक केंद्र में भारत के महावाणिज्य दूत राजकुमार और अन्य ऑस्ट्रेलियाई नेताओं के साथ इसका अनावरण किया था।

प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “शर्मनाक” बताया। घटना से भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में काफी निराशा है। रविवार को पीएम मॉरिसन के हवाले से ‘द एज’ अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने कहा है कि “इस स्तर का अनादर देखना शर्मनाक और बेहद निराशाजनक है।” कहा कि आस्ट्रेलिया दुनिया में सबसे सफल बहुसांस्कृतिक और आप्रवासी देश है। ऐसे देश में सांस्कृतिक स्मारकों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, उसने ऑस्ट्रेलियाई भारतीय समुदाय का बहुत अपमान किया है और उसे शर्म आनी चाहिए।” प्रतिमा भारत सरकार द्वारा उपहार में दी गई थी। एबीसी न्यूज के अनुसार, विक्टोरिया पुलिस ने कहा कि अज्ञात अपराधियों ने मूर्ति को तोड़ने के लिए बिजली उपकरणों का इस्तेमाल किया। इसे शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे के बाद अंजाम दिया गया।

पुलिस ने कहा कि नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के जासूस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने गवाहों से जानकारी देने के लिए आगे आने की अपील की है। शहर में भारतीय समुदाय ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसको “निम्नस्तर का कार्य” कहा।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ विक्टोरिया के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश सोनी ने एबीसी की रिपोर्ट में कहा, “समुदाय बहुत हैरान और दुखी है। मुझे समझ में नहीं आता कि कोई भी तोड़फोड़ जैसी निम्नस्तरीय कार्य क्यों किया।” उन्होंने कहा कि रोविल सेंटर विक्टोरिया राज्य में पहला भारतीय सामुदायिक केंद्र था और 30 साल के प्रयास के बाद स्थापित किया गया था।

ऑस्ट्रेलिया इंडिया कम्युनिटी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष वासन श्रीनिवासन ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि किसी ने प्रतिमा के अनावरण के 24 घंटे के भीतर उसे तोड़ने की कोशिश की। एसबीएस न्यूज ने उनके हवाले से कहा, “वे उसको चारों ओर से पीसकर सिर काटने की कोशिश कर रहे थे।” (पीटीआई इनपुट के साथ)

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