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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को सरेआम जड़ दिया थप्पड़, दो आरोपी हिरासत में

नेशनल एसेंबली में प्रधानमंत्री ज्यां कासटेक्स ने कहा, "राष्ट्रपति पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। लोकतंत्र में बेशक बहस होती है, वाद-विवाद, वैचारिक मतभेद, वैधानिक मुद्दों पर असहमति भी होती है, लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा, मौखिक हमला, यहां तक कि मामूली शारीरिक हमले का भी समर्थन नहीं किया जा सकता है।"

Edited By Sanjay Dubey पेरिस | Updated: June 8, 2021 10:06 PM
मंगलवार 8 जून, 2021 को हमले से पहले दक्षिणपूर्वी फ्रांस में दोपहर के भोजन के दौरान एक भाषण देते हैं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन। (फोटो सोर्स- एपी/पीटीआई)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के एक छोटे शहर की यात्रा के दौरान मंगलवार को एक व्यक्ति ने थप्पड़ मार दिया। मैक्रों के कार्यालय ने इस घटना के वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि की है। होटल और रेस्तरां में काम करने के लिए छात्रों को प्रशिक्षण देने वाले एक हाईस्कूल का दौरा करने के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति टैन-एल’र्हिमटेज शहर में काफी देर से प्रतीक्षा कर रहे लोगों के पास पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग के पीछे खड़े लोगों का अभिवादन किया। इसी दौरान जैसे ही वह एक व्यक्ति के पास हाथ मिलाने के लिए पहुंचे, उसने उन्हें थप्पड़ मार दिया। वीडियो में यह साफ-साफ दिख रहा है। घटना के तुरंत बाद उनके अंगरक्षक उन्हें वहां से हटाकर ले गए।

फ्रांसीसी समाचार प्रसारक ‘बीएफएम टीवी’ के मुताबिक पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि मैक्रों ने अभी इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है और अपना दौरा जारी रखा है। दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने “देश के राष्ट्रपति को निशाना बनाने वाली आक्रामकता की ट्विटर पर कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मैकों उनके शीर्ष राजनीतिक विरोधी हैं लेकिन यह घटना बहुत ही निंदनीय है।” ऐसी घटना में शामिल लोगों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। यह अक्षम्य अपराध है।

फ्रांस में शारीरिक हमले, जान से मारने की धमकी और उत्पीड़न की घटनाएं पहले भी हुई हैं। इसके शिकार लोगों में मेयर और सांसद भी रहे हैं, लेकिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ चलने वाले फ्रांस के राष्ट्र प्रमुख के साथ ऐसी घटना कभी नहीं हुई थी। हमले के बाद फ्रांसीसी राजनीति में तूफान मच गया है।

नेशनल एसेंबली में बोलते हुए प्रधानमंत्री ज्यां कासटेक्स ने कहा, “राष्ट्रपति पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। लोकतंत्र में बेशक बहस होती है, वाद-विवाद, वैचारिक मतभेद, वैधानिक मुद्दों पर असहमति भी होती है, लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा, मौखिक हमला, यहां तक कि मामूली शारीरिक हमले का भी समर्थन नहीं किया जा सकता है।” प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी का सभी सांसदों ने समर्थन किया।

हाल के दिनों में देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों पर ऐसे हमले कहीं नहीं हुए। फ्रांस की घटना से देश भर में हड़कंप मच गया है। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अभी यह नहीं मालूम चल सका है कि उसने राष्ट्रपति पर हमला क्यों किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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