पाकिस्तान के खैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के लोअर दीर जिले के रहने वाले मुराद ख़ान उन चार छात्रों में शामिल हैं, जिन्हें 13 फरवरी को बाचा ख़ान यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई। वीडियो में एक छात्र भारत का राष्ट्रगान गाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ अन्य छात्र उसका साथ दे रहे हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो 11 फरवरी को बाचा खान यूनिवर्सिटी में शाम चार बजे के बाद बनाया गया था, जब कैंपस में यूथ फ़ेस्टिवल के पहले दिन का समापन हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में फ़ार्मेसी के छात्र जिब्रान रियाज को भारत का राष्ट्रगान गाते हुए सुना जा सकता है, जबकि उनके साथ खड़े कुछ अन्य छात्र भी उनका साथ दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद 13 फरवरी को बाचा ख़ान यूनिवर्सिटी में अनुशासन समिति की बैठक हुई।

इसके बाद जारी नोटिफिकेशन में चार छात्रों को बर्खास्त करने का फैसला किया गया। नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘जिब्रान रियाज़, सैयद कातिब शाह, बशीर ख़ान और मुराद ख़ान ने अशांति फैलाने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने की नीयत से भारत का राष्ट्रगान गाया। उन्होंने इस घटना को रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया।’इस नोटिफिकेशन में इन चारों को हॉस्टल के कमरे खाली करने का भी आदेश दिया गया था।

छात्रों को अपनी बात रखने का नहीं दिया गया मौका

वीडियो वायरल होने के बाद छात्र जिब्रान रियाज ने एक और वीडियो बनाया, जिसमें वह माफी मांगते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना था कि यूथ फ़ेस्टिवल में सभी छात्र जमा थे। जिस तरह हम मजाक में भारत के गाने गाते या सुनते हैं, मैंने भी उसी तरह राष्ट्रगान गाया फिर मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि आपका वीडियो वायरल हो गया है।

उसने आगे कहा कि यह एक मजाक था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमारा अपना देश है, हम उसके खिलाफ सोच भी नहीं सकते और भारत हमारा दुश्मन है।

दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी से निकाले गए एक अन्य छात्र मुराद ख़ान का कहना है कि घटना के बाद हमें बुलाया गया और बस इतना कहा गया कि आप लोग एक वीडियो में दिखाई दिए हैं। उसका दावा है कि उन्हें सफाई देने का मौका भी नहीं दिया गया और उन्हें निकाले जाने की जानकारी नोटिफिकेशन के जरिए मिली।

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उन्होंने कहा कि हमें अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया। हमारा करियर खत्म कर दिया गया। हमने तो पहले ही अगले सेमेस्टर और हॉस्टल की फीस एडवांस में जमा करवा दी थी।

मुराद ख़ान ने आगे कहा कि मुझे अंदाज़ा भी नहीं था कि इस तरह की हरकत की इतनी बड़ी सज़ा होगी। जब राष्ट्रगान ख़त्म हुआ तो मैंने बस जय हिंद के नारे का जवाब दिया था। हालांकि, इस मामले पर अभी तक बाचा ख़ान यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक टीम का जवाब सामने नहीं आया है।

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