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पूर्व खुफिया अफसर को पाकिस्तानी सेना ने किया तलब, किया दावा- मोदी को भारत का पीएम देखना चाहती है ISI!

आरोप है कि दुर्रानी ने भारत के पूर्व रॉ प्रमुख के साथ मिलकर जो किताब लिखी है उसमें मिलिट्री आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है।

पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने शुक्रवार (25 मई, 2018) को कहा कि पूर्व आईएसआई चीफ दुर्रानी को 28 मई को जनरल हेडक्वार्टर में बुलाया गया है। किताब में उनके लिए जिम्मेदार विचारों पर अपनी स्थिति की व्याख्या करने के लिए कहा जाएगा।

पाकिस्तान के पूर्व आईएसआई चीफ असद दुर्रानी की किताब ‘द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूजन ऑफ पीस’ रिलीज होने के दो दिन बाद विवादों में आ गई है। उन्हें पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय ने तलब किया है। आरोप है कि दुर्रानी ने भारत के पूर्व रॉ प्रमुख के साथ मिलकर जो किताब लिखी है उसमें मिलिट्री आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने शुक्रवार (25 मई, 2018) को कहा कि पूर्व आईएसआई चीफ दुर्रानी को 28 मई को जनरल हेडक्वार्टर में बुलाया गया है। किताब में उनके लिए जिम्मेदार विचारों पर अपनी स्थिति की व्याख्या करने के लिए कहा जाएगा। ट्विटर पर जारी किए अपने बयान में मेजर आसिफ गफूर ने लिखा है कि दुर्रानी को 28 मई को जनरल हेडक्वार्टर बुलाया गया है। इसमें मिलिट्री आाचर संहिता के आधार पर उनके ऊपर लगे आरोपों का मूल्याकन किया जाएगा।

किताब में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए यह भी कहा गया कि आईएसआई पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मोदी कट्टरपंथी हैं, जो कड़े फैसले ले सकते हैं। किताब में दुर्रानी लिखा कि आईएसआई चाहेगी कि मोदी पीएम बने। क्योंकि उनका पीएम बनना पाकिस्तान के अनुकूल होगा, क्योंकि कट्टरपंथी दुष्टिकोण भारत को बर्बाद कर देगा। बता दें कि ‘द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूजन ऑफ पीस’ पाकिस्तान के असद दुर्रानी और भारत के पूर्व रॉ प्रमुख एस दुलत ने मिलकर लिखी है। किताब में दोनों देशों की सीमाओं के साथ अन्य सभी मुद्दों को सुलझाने के पहलुओं के सुझाया गया है।

किताब में कश्मीर, कारगिल ऑपरेशन, एबटाबाद में यूएस नेवी का ऑपरेशन, कुलभूषण की गिरफ्तारी, हाफिज सईद, बुहरान वानी सहित अन्य मुद्दों पर खुलकर बात की गई है। किताब में दुर्रानी के मुताबिक भारत और पाकिस्तान को टकराव और बॉर्डर पर क्रॉस फायरिंग रोक देनी चाहिए। इसके लिए जुल्फिकार अली भुट्टो के प्रस्ताव को सुझाया गया है। किताब में कहा गया कि दोनों देशों को भुट्टों की सलाह पर चलना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा कि ‘ले लो जो आप हासिल कर सकते हैं’, उन्होने यह भी सुझाव दिया की दोनों देशों को सहमति से संघर्ष रोक देना चाहिए।

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