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ISIS की सुरंग पर अमेरिका द्वारा सबसे बड़े बम गिराए जाने को लेकर आया हामिद करजई का बयान

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा है कि अमेरिका उनके देश अफगानिस्तान का उपयोग हथियारों के परीक्षण स्थल के तौर पर कर रहा है।

Author काबुल | Published on: April 17, 2017 6:37 PM
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा है कि अमेरिका उनके देश अफगानिस्तान का उपयोग हथियारों के परीक्षण स्थल के तौर पर कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में सबसे बड़ा गैर..परमाणु बम गिराए जाने को अफगान लोगों पर अत्याचार करार दिया।
पिछले हफ्ते अमेरिका ने अफगानिस्तान में एक विशाल बम (जीबीयू..43) गिराया था जिसमें कथित तौर पर 95 आतंकवादियों की मौत हो गयी थी। करजई ने एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में इस कदम पर आपत्ति जतायी और कहा कि अमेरिका ने उनके देश का इस्तेमाल व्यापक संहार वाले हथियारों के परीक्षण स्थल के तौर पर किया।

बम के उपयोग के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी के कार्यालय ने कहा कि सहयोग को लेकर अमेरिकी सेना और अफगान सरकार के बीच ‘‘करीबी समन्वय’’ था और वे लोग आम नागरिकों का नुकसान रोकने के लिए सजग थे। लेकिन करजई ने बम का इस्तेमाल करने के लिए अनुमति देने को लेकर अफगान सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘किस प्रकार किसी देश की सरकार अपने ही भौगोलिक क्षेत्र में व्यापक संहार वाले हथियार के इस्तेमाल की अनुमति दे सकती है? जो कुछ भी कारण हो, जो कुछ भी वजह हो, उन्होंने कैसे उसकी अनुमति दी? यह अकल्पनीय है।

अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान पर फेंके गए गैर परमाणु बम (एमओएबी) का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुवार को छोड़े गए ‘मदर अॉफ अॉल बॉम्ब’ के कारण कुर्रम एजेंसी में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई घरों के अलावा मलाना गांव की मस्जिद और इमामबरगाह में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। बर्फ से ढकी इस जगह को अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत और पाकिस्तान के कुर्रम आदिवासी इलाके के बीच प्राकृतिक सीमा माना जाता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि एमओएबी ने अचिन जिले में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के बेस को निशाना बनाया था। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एमओएबी के कारण 90 लोगों की जान चली गई है और आईएस का इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया है। शुरुआत में मरने वालों की संख्या 36 बताई गई थी। मलाना गांव के रहने वालों ने पाकिस्तानी अखबार द डॉन को बताया कि उन्होंने एक धमाके की आवाज सुनी, जिसने उनके घरों को हिलाकर रख दिया। मुहम्मद हसन ने कहा कि हमने हल्के झटके महसूस किए, लेकिन हमें यह पता नहीं था कि इसके पीछे एक बम है। उन्होंने कहा कि इलाके की मस्जिदों और कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। जेरान इलाके में भी घरों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

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