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अमेरिका चुनावः जो बाइडन और कमला हैरिस की जीत पर लगी मोहर, बोले- अब जख्मों को भरने का समय

बाइडन ने कहा कि अमेरिका के लोकतंत्र की परीक्षा ली गई और उसे खतरा पैदा किया गया, लेकिन देश का लोकतंत्र ‘सच्चा और मजबूत साबित’ हुआ।

अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन। (फाइल फोटोः REUTERS)

अमेरिका के निर्वाचन मंडल ने जो बाइडन को देश के राष्ट्रपति और भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के लिए बहुमत देकर उनकी जीत की औपचारिक घोषणा कर दी है। इसके बाद बाइडन ने कहा कि ‘अब एकजुट होने, जख्मों को भरने और पन्ना पलटने’ का समय आ गया है। इसके साथ ही निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस कानूनी लड़ाई को विराम लग गया, जिसमें चुनाव में व्यापक स्तर पर धोखाधड़ी होने का आरोप लगाया गया था।

कानून के अनुसार, निर्वाचन मंडल की बैठक दिसंबर के दूसरे बुधवार के बाद आने वाले पहले सोमवार को होती है। इस दिन सभी 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के निर्वाचक अपना मत डालने के लिए बैठक करते हैं। राष्ट्रपति पद का चुनाव तीन नवंबर को हुआ था। बाइडन ने 538 सदस्यीय निर्वाचन मंडल के 270 से अधिक मत हासिल करके बहुमत हासिल कर लिया। हालांकि निर्वाचन मंडल की बैठक मात्र औपचारिकता होती है, लेकिन यह बैठक इस साल पहले की तुलना में अधिक चर्चा में रही, क्योंकि देश के मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया और चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।

बाइडन ने कहा कि अमेरिका के लोकतंत्र की परीक्षा ली गई और उसे खतरा पैदा किया गया, लेकिन देश का लोकतंत्र ‘सच्चा और मजबूत साबित’ हुआ। बाइडन ने कहा, ‘देश में बहुत समय पहले ही लोकतंत्र की मशाल जल चुकी थी और अब हम जान चुके हैं कि लोकतंत्र की इस मशाल को कोई वैश्विक महामारी या सत्ता का दुरुपयोग बुझा नहीं सकता।’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका की आत्मा के लिए हुई लड़ाई में लोकतंत्र की जीत हुई। लोगों ने मतदान किया। हमारे संस्थानों में विश्वास कायम रहा। हमारे चुनावों की अखंडता बरकरार रही और इसलिए अब पन्ना पलटने का समय आ गया है। अब एकजुट होने, जख्मों को भरने का समय आ गया है।’

बाइडन ने कहा, ‘मैंने और उपराष्ट्रपति हैरिस ने निर्वाचन मंडल के 306 मत हासिल किए, जो जीत हासिल करने के लिए आवश्यक 270 मतों से बहुत अधिक है। ट्रंप और माइक पेंस को भी 2016 में इतने ही मत मिले थे। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया था। उनके स्वयं के मानकों के अनुसार, यह संख्या स्पष्ट जीत दर्शाती है।’बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद संभालेंगे।

नए राष्ट्रपति के लिए कोरोना की अहम चुनौती होगी। अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने के बीच कोविड-19 के कारण देश में मारे गए लोगों की संख्या सोमवार को तीन लाख हो गई। मृतकों की यह संख्या सेंट लुइस और पिट्सबर्ग की जनसंख्या के बराबर है। यह कैटरीना तूफान जितनी बड़ी त्रासदी को साढ़े पांच महीने हर रोज दोहराने के समान है। यह मृतक संख्या वियतनाम युद्ध में मारे गए अमेरिकियों की संख्या का पांच गुना है। यह संख्या 100 से अधिक दिनों तक हर रोज एक 9/11 हमला होने के बराबर है। (भाषा से जानकारियों के साथ)

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