फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, घटना की तस्वीर साफ होती जा रही है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर यह साबित होता है कि विमान के को-पायलट को किसी ने हमले के लिए भेजा था, तो उसे इसकी ‘बहुत भारी कीमत’ चुकानी होगी।
नेतन्याहू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए कहा कि समय बीतने के साथ मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो रही है। उनके मुताबिक, हमले के आरोपी को-पायलट का इस्लामी कट्टरपंथीकरण हुआ था और वह यात्रियों से भरे विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने के इरादे से आगे बढ़ा था।
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, “हम अभी यह पता लगा रहे हैं कि क्या उसे किसी ने भेजा था। और जिसने भी उसे भेजा है, उसे बहुत भारी कीमत चुकानी होगी।” उनके इस बयान से साफ है कि जांच में अब इस पहलू पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि क्या को-पायलट ने अकेले यह कदम उठाया या इसके पीछे किसी दूसरे व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी। हालांकि, अभी तक यह स्थापित नहीं हुआ है कि उसे किसी बाहरी पक्ष ने निर्देश दिया था।
नेतन्याहू ने 9/11 जैसी त्रासदी का किया जिक्र
नेतन्याहू ने उन लोगों की भी तारीफ की, जिन्होंने विमान को संभावित बड़ी दुर्घटना से बचाने में मदद की। उन्होंने यात्री यानिव हयून और उनके साथियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ’11 सितंबर जैसी त्रासदी’ को होने से रोक दिया। नेतन्याहू के मुताबिक, अगर समय रहते हमलावर को काबू नहीं किया जाता तो विमान में सवार यात्रियों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इस दौरान विमान करीब 14 हजार फीट नीचे चला गया। घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कंट्रोल संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
पहले भी को-पायलट के कट्टरपंथीकरण का किया था दावा
नेतन्याहू इससे पहले भी कह चुके हैं कि हमले के आरोपी को-पायलट का कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथीकरण हुआ था। उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआती जानकारी के आधार पर आरोपी आत्मघाती व्यवहार कर रहा था। हालांकि, घटना की परिस्थितियों, मकसद और संभावित बाहरी साजिश को लेकर जांच अभी जारी है।
इजरायल के प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि जांच के जरिए हमले की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में आरोपी के अकेले हमला करने की संभावना भी सामने आई है। ऐसे में उसे किसी व्यक्ति या संगठन ने हमला करने के लिए भेजा था या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। इस बारे में जांच जारी है।
UAE ने बताया ‘आतंकवादी कृत्य’
फ्लाईदुबई की घटना की जांच संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारी भी कर रहे हैं। UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने इसे ‘खतरनाक आतंकवादी कृत्य’ बताया और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने लोगों से घटना को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने और अपुष्ट साजिशों को बढ़ावा देने से बचने की अपील की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि को-पायलट ने यह हमला अकेले किया था या इसके पीछे किसी दूसरे पक्ष की भूमिका थी। नेतन्याहू के शुक्रवार के बयान ने इस सवाल को और अहम बना दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर जांच में यह सामने आता है कि हमलावर को किसी ने भेजा था, तो जिम्मेदार व्यक्ति या पक्ष को ‘बहुत भारी कीमत’ चुकानी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे वास्तविक मकसद और किसी बाहरी पक्ष की भूमिका क्या थी।
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UAE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई हमले को लेकर आतंकी हमला बताया है। साथ ही प्लेन में संकट के समय भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की कार्रवाई की तारीफ भी की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
