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कंपनी ने जला द‍िया था 260 करोड़ का सामान, कहा- सेल में बेचने से घटेगी ब्रांड वैल्‍यू

ग्रीनपीस ने कहा कि पूरा फैशन उद्योग ओवरस्टॉक की समस्या से जूझ रहा हैै। बरबेरी ने पिछले साल ही बड़ी लग्जरी उत्पाद कंपनी एल्विस एंड क्रेसी के साथ साझेदारी की है। करार के तहत 120 टन चमड़े के टुकड़ों को अगले पांच सालों में नए उत्पादों में बदला जाएगा।

बरबेरी ने घोषणा की है कि अब वह अपने स्टॉक में बचे उत्पादों को जलाने की नीति तुरंत बंद कर देगी। फोटो-Twitter/@Dazed

ब्रिटेन की लग्जरी उत्पाद निर्माता बरबेरी ने घोषणा की है कि अब वह अपने स्टॉक में बचे उत्पादों को जलाने की नीति तुरंत बंद कर देगी। कंपनी ने ये भी कहा है कि वह अपने उत्पादों के लिए असली फर का उपयोग करना बंद करेगी और वर्तमान उत्पादों से भी असली फर को हटा देगी। जुलाई में, कंपनी ने अपनी आय की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया था कि बरबेरी ने अपने बिकने से बच गए कपड़ों, एसेसरीज और परफ्यूम को ब्रांड वैल्यू बचाने के लिए न​ष्ट कर दिया था। इन सभी उत्पादों का कुल मूल्य करीब 260 करोड़ रुपये के आसपास था।

इस खबर पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इसी पर, कंपनी ने कहा कि साल 2017 बेहद असामान्य रहा था। कंपनी को करीब 76 करोड़ रुपये कीमत वाले अपने पुराने परफ्यूम उत्पादों को अमेरिकी कंपनी कोटि से करार होने के बाद नष्ट करना पड़ा था। कई फैशन फर्मों ने जिनमें बरबेरी भी शामिल थी। उन्होंने अपने अनावश्यक उत्पादों को चोरी होने या सस्ते बिकने के भय से नष्ट कर दिया था। बरबेरी ने कहा कि वह पहले ही अपने बिना बिके हुए उत्पादों को दोबारा इस्तेमाल, मरम्मत, दान, या फिर रिसाइकिल करते रहे हैं। लेकिन अब इन कोशिशों में तेजी लाई जाएगी।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण प्रचार समूह ग्रीनपीस ने उनसे कहा, अपने ओवरस्टॉक को नष्ट न करने का बरबेरी का ये फैसला फैशन उद्योग की ​बदलती विचारधारा का प्रतीक है। क्योंकि फैशन इंडस्ट्री का कारोबार पूरी दुनिया में फैला हुआ है। फैशन कंपनियां हर साल करीब 6,31,700 करोड़ कपड़े बनातीं हैं। उपभोक्ताओं की अलमारियों में तमाम ऐसे कपड़े ठुंसे हुए हैं जो अभी तक पहने ही नहीं गए हैं। ऐसे में कई कंपनियों के लिए जरूरत से ज्यादा स्टॉक बड़ी समस्या है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनपीस ने कहा कि पूरा फैशन उद्योग ओवरस्टॉक की समस्या से जूझ रहा हैै। ये वक्त उत्पादन को धीमा करने और बिजनेस करने के तरीकों के बारे में फिर से विचार करने का समय है। बरबेरी ने पिछले साल ही बड़ी लग्जरी उत्पाद कंपनी एल्विस एंड क्रेसी के साथ साझेदारी की है। करार के तहत 120 टन चमड़े के टुकड़ों को अगले पांच सालों में नए उत्पादों में बदला जाएगा।

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